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हाथरस हादसा: यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल से लेकर लाखों अनुयायियों वाले गुरु तक, कौन हैं भोले बाबा?

उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को कथावाचक भोले बाबा के सत्संग में हुए हादसे में 126 लोगों की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। जब वे पुलिसकर्मी थे, तब आगरा में रहते थे। तब उन्हें सूरज पाल सिंह के नाम से जाना जाता था, जो यूपी पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट में हेड कांस्टेबल थे। आगरा में बहुत से लोग उन्हें नहीं जानते। 

लेकिन, वहां के रहने वाले एक शख्स ने कहा कि शहर में उनके घर पर जब भी वे होते थे, तो उनके दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहता था। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के गांव बहादुर नगरी के रहने वाले थे। उत्तर प्रदेश पुलिस से वीआरएस लेने के बाद, सूरज पाल सिंह ने अपना नाम बदलकर नारायण साकार हरि रख लिया और आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़े। 

पूरे उत्तर प्रदेश में उन्होंने सत्संग आयोजित किए। बाद में धीरे-धीरे राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी उनके काफी अनुयायी बनने लगे। यूपी पुलिस की नौकरी के दौरान वे आगरा में रहते थे। भोले बाला दूसरे बाबाओं की तरह नहीं दिखते थे। नारायण हरि अकसर सफेद सूट और टाई या प्लेन कुर्ता पायजामा में ही नजर आते हैं। 

उनके साथ उनकी पत्नी प्रेमबती भी होती हैं, जिन्हें 'माताश्री' के नाम से जाना जाता है। नारायण हरि तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी कोई संतान नहीं है। नारायण हरि भले ही मीडिया से दूर रहते हों लेकिन विवादों से उनका गहरा नाता रहा है।  2022 में कोरोना महामारी के वक्त भी उन्होंने फर्रुखाबाद में सत्संग किया था, जिसमें 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे, जबकि इजाजत कम लोगों की थी। 

इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों में अपनी सुरक्षा के लिए नारायण हरि ने 'नारायणी सेना' के नाम से सुरक्षा दल बनाया है, जिसमें पुरुष और महिला गार्ड शामिल हैं। गार्ड उन्हें उनके आश्रम से सत्संग तक अपनी सुरक्षा में लेकर चलते हैं। हाथरस में मंगलवार को हुई भगदड़ के बाद से वो गायब हैं।