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फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध, सीएम योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री बक्शी का तालाब क्षेत्र के अकड़रिया कला गांव पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने राहत सामग्री भी वितरित की और स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर डॉक्टरों व मरीजों से दवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के किनारे तटबंध बनाने की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को नदी के किनारे का सर्वे कराकर तटबंध निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने और जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए।

तटबंध से बाढ़ पर लगेगा अंकुश

सीएम योगी ने कहा कि गोमती नदी पर तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि तटबंध के बाहर रह जाने वाले गांवों में बरसात का पानी निकालने की भी उचित व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटबंध के अंदर पानी जमा होकर बीमारी का कारण न बने। इसके लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए, जिससे जमा पानी को नदी की तरफ निकाला जा सके। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को इन सभी कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर जल्द काम शुरू कराने को कहा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी फोन कर बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताई है। तटबंध के निर्माण को लेकर भी दोनों के बीच चर्चा हुई। सीएम ने बताया कि सरकार ने इस कार्य को स्वीकृति दे दी है और धनराशि जारी कर जल्द काम आगे बढ़ाया जाएगा।

स्कूल और मैरिज हॉल में की जाए रहने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों से बाहर आने वाले बाढ़ प्रभावित लोगों को खुले में न रहना पड़े। उनके लिए स्कूल, मैरिज हॉल आदि में रहने की व्यवस्था की जाए। वहां गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पशुओं के लिए चारा, भूसा और चोकर की व्यवस्था करने के साथ ही पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश भी दिए।

50 से ज्यादा जिलों में हुई भारी बारिश

सीएम योगी ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जनपदों में भारी बारिश हुई है। इसके चलते कई नदियों के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि लखनऊ में भी भारी बारिश हुई थी, लेकिन उस समय गोमती नदी का जलस्तर इतना नहीं बढ़ा था। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे आने के कारण गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा। इसके चलते बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर, फैजुल्लागंज से लेकर नैमिष तक के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी।

हर बाढ़ पीड़ित परिवार के लिए राशन की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। डूबे हुए गांवों और मोहल्लों में प्रत्येक परिवार के लिए सूखा राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, नमक, मिर्च, मसाला, बरसाती, बाल्टी, लाई-भूजा, मोमबत्ती और माचिस जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। पशुओं के लिए चारा और छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और जलभराव के दौरान सांप-बिच्छू के काटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हर स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। एंटी रैबीज इंजेक्शन की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश हैं। घर क्षतिग्रस्त होने, जनहानि, पशुहानि और फसल के नुकसान का सर्वे कराकर पात्र लोगों को तत्काल मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गांवों की सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग के निर्देश

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण ग्रामीणों के बाहर आने की स्थिति में रात के समय गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके लिए चौकीदार, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की तैनाती के साथ पुलिस पेट्रोलिंग कराई जाए।

बाढ़ राहत कैंपों में पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस आपदा की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी रहेगा।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक योगेश शुक्ल, डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और इटौंजा नगर पंचायत अध्यक्ष अखिलेश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।