कानपुर में 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। कार्यक्रम में सीएम योगी ने किसानों को बड़ा मंत्र देते हुए कहा कि 'धरती माता' को रासायनिक जहर से मुक्त करना ही हमारा संकल्प है। कार्यक्रम में सीएम योगी ने गोवंश आधारित कृषि पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल एक देसी गाय के गोबर और गोमूत्र की मदद से कोई भी किसान 30 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती कर सकता है। इससे बाजार से महंगी खाद खरीदने की जरूरत नहीं होगी, खेती की लागत शून्य होगी और किसानों का मुनाफा दोगुना हो जाएगा।
इसके साथ ही सीएम योगी ने चेतावनी दी कि रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कैंसर जैसी बीमारियों की वजह बन रहा है। प्राकृतिक खेती से न सिर्फ सेहत सुधरेगी, बल्कि पानी की भी 50 से 60 प्रतिशत तक बचत होगी। सरकार गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए इसके दोनों किनारों पर 5-5 किलोमीटर के दायरे में प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दे रही है।
किसानों के उत्पादों को सही दाम दिलाने के लिए योगी सरकार लैब टेस्टिंग, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और विशेष बाजार की व्यवस्था कर रही है। इस दौरे के दौरान सीएम योगी ने कृषि के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी और उद्योग विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की, ताकि 'समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' का संकल्प पूरा हो सके।