उत्तराखंड कैबिनेट ने आज कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। इनमें राज्य को 'पूर्ण साक्षर राज्य' घोषित करने, दूध उत्पादन बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और कर्मचारियों को राहत देने से जुड़े फैसले शामिल हैं। कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने पशुओं की बेहतर नस्ल तैयार करने के लिए एंब्रियो ट्रांसफर तकनीक पर आधारित एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया है। इससे अच्छी नस्ल के पशु तैयार होंगे और दूध उत्पादन बढ़ेगा।
केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्गों पर चलने वाले करीब 15 हजार घोड़े-खच्चरों का बीमा कराया जाएगा। बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत खर्च सरकार और 80 प्रतिशत मालिक वहन करेंगे। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए प्रमाण पत्र जमा करने में देरी करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को राहत दी गई है। अब वे दस्तावेज सत्यापन के समय प्रमाण पत्र दिखा सकेंगे।
बिटुमेन (डामर) की कीमत बढ़ने के कारण सरकार ने पुराने सड़क निर्माण ठेकों में लागत के अनुसार भुगतान समायोजन करने का फैसला किया है।सरकार ने आबकारी नीति में कुछ संशोधनों को मंजूरी दी है ताकि कर व्यवस्था को और सरल बनाया जा सके। उत्तराखंड में इंटरनेशनल हिमालयन कार रैली आयोजित करने को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
UPNL के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों को 'समान काम, समान वेतन' का लाभ देने के लिए पात्रता की तारीख बढ़ा दी गई है। सरकार ने गोल्डन कार्ड स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। इसके अलावा कैबिनेट ने जेल नियमों और संस्कृत शिक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण संशोधनों को भी मंजूरी दी है।