दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 8 मार्च को पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन पर दो नए मेट्रो सेक्शन शुरू किए, जिसके साथ ही दिल्ली मेट्रो भारत का सबसे बड़ा संचालन में चल रहा मेट्रो नेटवर्क बनी हुई है। इस विस्तार के साथ भारत में अब 26 शहरों में कुल 1,143 किलोमीटर से अधिक लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। इन मेट्रो सेवाओं से हर दिन लगभग 1.15 करोड़ यात्री सफर करते हैं।इनमें से 55 प्रतिशत से अधिक दैनिक यात्राएं केवल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर होती हैं, जिससे यह देश की शहरी रेल प्रणाली में अहम भूमिका निभाती है।
देश के कुल 1,143 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क में से लगभग 416 किलोमीटर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में है, जिसमें 303 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की करीब 29 किलोमीटर लंबी लाइन (21 स्टेशन) और रैपिड मेट्रो गुरुग्राम की करीब 13 किलोमीटर लाइन (12 स्टेशन) भी शामिल हैं। ये नेटवर्क दिल्ली को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम जैसे प्रमुख एनसीआर शहरों से जोड़ता है।
दिल्ली मेट्रो में वर्तमान में 343 ट्रेनें (2368 कोच) संचालित हो रही हैं और हर दिन लगभग 4,508 ट्रेन ट्रिप चलाए जाते हैं। इससे रोजाना करीब 1,40,112 ट्रेन किलोमीटर की दूरी तय होती है, जिससे यात्रियों को नियमित और विश्वसनीय सेवा मिलती है। दिल्ली मेट्रो की समयपालन दर लगभग 99.9 प्रतिशत है, जो इसे दुनिया की सबसे भरोसेमंद मेट्रो प्रणालियों में से एक बनाती है। आंकड़ों के अनुसार 2024 में कुल 2,283.5 मिलियन (करीब 223.5 करोड़) यात्राएं दर्ज की गईं, यानी औसतन प्रतिदिन लगभग 62.39 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया।
वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,358.03 मिलियन (करीब 235.8 करोड़) हो गई, यानी रोजाना औसतन 64.60 लाख यात्रियों ने मेट्रो का उपयोग किया। 2024 में सबसे अधिक यात्री 18 नवंबर को दर्ज किए गए, जब एक दिन में 78,67,649 यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो से सफर किया। इसके बाद 8 अगस्त 2025 को नया रिकॉर्ड बना, जब 81,87,674 यात्रियों ने एक ही दिन में मेट्रो से यात्रा की।