अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ को ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की सफलता पर निर्भर करेगा। ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच हाल ही में “बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत” हुई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म करने को लेकर गंभीर और रचनात्मक चर्चा हुई है, जो पूरे सप्ताह जारी रहेगी। इसी के मद्देनजर उन्होंने संभावित सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करेगा। उन्होंने कहा था कि 48 घंटे के भीतर अगर जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा।
इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र में ऊर्जा और तेल सुविधाओं को निशाना बनाएगा, जिसका असर लंबे समय तक वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ेगा। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब वैश्विक चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और आर्थिक स्थिरता पर बड़ा असर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है।