CJP का एक प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12:30 बजे केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात कर सकता है। यह बैठक संविधान क्लब ऑफ इंडिया में होगी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने भी बैठक के लिए इसी स्थान की जानकारी दी है। यह बातचीत CJP की ओर से आज देशभर में किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन के आह्वान से पहले हो रही है। पार्टी NEET-UG 2026 पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
आज की बैठक से पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बातचीत को प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाती। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान वह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा दोनों मौजूद रहेंगे। जितेंद्र सिंह ने कहा, "यह हमारे सभी युवा साथियों के लिए खुला निमंत्रण है कि सरकार आपकी सुविधा के अनुसार, किसी भी समय और सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। बातचीत जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर हो सकती है। हम इसे प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाते। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मैं बातचीत के दौरान मौजूद रहेंगे। बातचीत के जरिए धीरे-धीरे समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह छात्रों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों का हिस्सा है। मैं आप सभी से विनम्र अपील करता हूं कि आइए और बातचीत कीजिए।"
वहीं, CJP ने कहा कि सरकार शुक्रवार को किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत करने की उनकी मांग पर सहमत हो गई है। पार्टी ने कहा कि वह अपनी मांगों को आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी। 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना अनशन खत्म कर दिया।
CJP के प्रतिनिधियों और मोदी सरकार के बीच इस सप्ताह की शुरुआत में पहली सीधी बैठक हुई थी। यह बैठक पार्टी के जंतर-मंतर पर लगातार धरना शुरू करने के करीब एक महीने बाद हुई थी। सोमवार को CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत की थी। इसी दौरान संसद मार्च को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली थी।
CJP ने सरकार को एक ज्ञापन सौंपकर तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की "रिहाई" और मृत NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल है। वहीं, विपक्ष भी संसद के जारी मानसून सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है। इस मामले को लेकर संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। एक्स पर साझा किए गए अपने सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले एक ड्राफ्ट विधेयक पर विचार करेगा। उन्होंने कहा, "मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।" पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दर्दनाक है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं और आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं कम से कम समय में आयोजित कराई गईं और 19 तारीख को परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए। इसी बीच, एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की।