Breaking News

गलत इरादे से हुआ बयान का इस्तेमाल: कॉकरोच वाले बयान पर बोले CJI सूर्यकांत     |   PM पर राहुल गांधी का बयान निम्नस्तरीय और निंदनीय, व्यक्तिगत पीड़ा हुई: राजनाथ सिंह     |   उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चमोली टनल हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया     |   जुलाई में थोक मूल्य महंगाई में गिरावट, जुलाई में 0.9% घटकर 9.78 फीसदी रही     |   आरजी कर रेप-मर्डर केस: पूर्व TMC MLA निर्मल घोष पर पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ का हमला     |  

रानी मुखर्जी को मिला मानद डॉक्टरेट, IFFM 2026 में La Trobe University ने किया सम्मानित

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी को भारतीय सिनेमा में तीन दशक के योगदान और पर्दे के बाहर सामाजिक मुद्दों से जुड़ी उनकी भूमिका के लिए La Trobe University ने मानद Doctor of Letters की उपाधि से सम्मानित किया है। उन्हें यह सम्मान Indian Film Festival of Melbourne (IFFM) 2026 के दौरान शुक्रवार को दिया गया। मेलबर्न के The Edge में आयोजित खास समारोह में रानी मुखर्जी को मानद डिग्री प्रदान की गई। सम्मान मिलने के दौरान रानी भावुक हो गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह मुस्कुराते हुए अपनी आंखों से आंसू पोंछती नजर आईं।

La Trobe University की ओर से दिया गया यह सम्मान रानी मुखर्जी के शानदार फिल्मी सफर के साथ-साथ शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, बच्चों के कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों से जुड़े उनके काम को भी पहचान देता है। रानी मुखर्जी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। ‘Black’, ‘Hichki’, ‘Mardaani’ और ‘Mrs Chatterjee vs Norway’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय को काफी सराहा गया है। इन फिल्मों में उन्होंने मजबूत और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

मानद डॉक्टरेट मिलने पर रानी मुखर्जी ने La Trobe University का आभार जताया। उन्होंने कहा, “धन्यवाद La Trobe University, आपने सिर्फ भारत की एक अभिनेत्री को नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की ताकत को सम्मान दिया है।” रानी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने किशोरावस्था में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उनके पास कोई तय रास्ता नहीं था। वह सिर्फ अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना चाहती थीं।

उन्होंने कहा कि सिनेमा लोगों को समझने, उन्हें सेलिब्रेट करने और उन लोगों के साथ खड़े होने की भाषा है, जो हमें प्रेरित करते हैं। रानी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी फिल्में, उनके निभाए किरदार और उनके द्वारा दिखाई गई महिलाओं की कहानियां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों तक पहुंचेंगी।

IFFM फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगेह ने रानी मुखर्जी को सम्मान मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल के लिए भी खास पल है और भारतीय सिनेमा में रानी के योगदान के लिए यह सम्मान पूरी तरह उपयुक्त है। रानी मुखर्जी को मिला यह मानद डॉक्टरेट उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान उनके अभिनय के साथ-साथ समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके प्रभाव को भी दर्शाता है। IFFM 2026 के तहत मेलबर्न में भारतीय सिनेमा और कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। यह समारोह Federation Square में आयोजित कार्यक्रमों का भी हिस्सा है।