हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) ने 18 अगस्त तक प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कांगड़ा जिले के धर्मशाला में भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा, बिलासपुर, मंडी और सोलन में भी खासकर देर शाम और रात के समय बारिश हुई। इस दौरान सबसे ज्यादा करीब 91 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से भी बिलासपुर और मंडी के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। इन इलाकों में आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक 14 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कुछ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई। चंबा, मंडी और शिमला में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई। 15 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हो सकती है। इस दिन बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी के अनुसार 16 अगस्त से मानसून की गतिविधि एक बार फिर तेज हो सकती है। इस दौरान चंबा, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। 18 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की भी आशंका है।
फिलहाल हिमाचल में फ्लैश फ्लड का कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, बारिश की तीव्रता बढ़ने पर अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है और जरूरत पड़ने पर अलर्ट जारी किया जाएगा। लोगों को नदियों, नालों और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में विजिबिलिटी कम है। सिरमौर, सोलन और शिमला में कम दृश्यता की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को लंबी दूरी की यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़कें खराब होने और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से संवेदनशील ढलानों, नदी-नालों और कमजोर सड़क मार्गों से दूर रहने की अपील की गई है।
हालांकि हाल के दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ी है, लेकिन 1 जून से 14 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। कांगड़ा में बारिश की कमी करीब 50 फीसदी और मंडी में करीब 27 फीसदी रही है। वहीं, कुल्लू में करीब 25 फीसदी और शिमला में 22 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य के ज्यादातर अन्य जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण अगले 24 घंटों में हिमाचल के कई हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। शिमला और आसपास के इलाकों में तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जबकि कांगड़ा और बिलासपुर जैसे मैदानी जिलों में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने, तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदियों, नालों, भूस्खलन संभावित इलाकों तथा संवेदनशील सड़कों के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।