राज्यसभा के लिए नामित सांसद हरिवंश नारायण सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। यह चुनाव शुक्रवार, 17 अप्रैल को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान आयोजित किया जाएगा। संसद के उच्च सदन में यह अहम चुनाव सुबह 11 बजे शुरू होगा, जब सदन में जरूरी कागजात और रिपोर्ट पेश की जाएंगी। उपसभापति का पद 9 अप्रैल को हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल खत्म होने के बाद से खाली था। वे साल 2018 से इस पद पर कार्यरत थे।
इसके बाद 10 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित सदस्य बनाया था, जिसका आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 89(2) के तहत राज्यसभा में उपसभापति का पद आवश्यक होता है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, जबकि उपसभापति सदन के सदस्यों में से चुना जाता है और उनकी अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही का संचालन करता है।
उपसभापति को कार्यवाही के दौरान सभापति के समान अधिकार प्राप्त होते हैं, जिसमें सदन में अनुशासन बनाए रखना और नियमों की व्याख्या करना शामिल है। हालांकि इस पद पर चुने जाने के बाद उनसे निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक इंडिया गठबंधन के दलों ने 17 अप्रैल को होने वाले उपसभापति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है।