नेपाल में गुरुवार को हुए प्रतिनिधि सभा (नेपाली संसद) के चुनाव में बनी नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी कि RSP ने शानदार शुरुआत की है। शुरुआती नतीजों के मुताबिक, RSP ने एक सीट जीत ली है और 44 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। वहीं, नेपाली कांग्रेस 4 सीटों पर आगे है, CPN (UML) 5 पर और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 1 पर बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि नेपाल की कुल 165 सीटों पर चुनाव हुए हैं। इस चुनाव में करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लिया और माना जा रहा है कि ये चुनाव मुल्क की सियासत को एक नई तरफ ले जाएंगे।
बता दें कि यह नेपाल के इतिहास में पहला बड़ा चुनाव है, जो पिछले साल जेन Z के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ। उन विरोधों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर लोग सड़कों पर उतरे थे, जिसके कारण केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार गिर गई थी। काठमांडू-1 सीट पर RSP उम्मीदवार रंजू दर्शना की काफी बड़े अंतर से जीत हुई है। RSP के केंद्रीय समिति सदस्य आरके ढुंगाना के अनुसार, रंजू ने 10000 से भी ज्यादा वोट हासिल किए, जो निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेपाली कांग्रेस के प्रबल थापा क्षेत्री से लगभग दोगुना है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक तौर पर जीत की घोषणा नहीं की है।
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह, जिन्हें बालेन के नाम से जाना जाता है, झापा-5 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री और CPN (UML) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से आगे चल रहे हैं। RSP काठमांडू की सभी 10 सीटों पर बढ़त में है। RSP की स्थापना 2022 में हुई थी और चुनाव प्रचार के दौरान इसे युवाओं से खासा समर्थन मिला था। बालेन शाह को पार्टी का प्रधानमंत्री उम्मीदवार माना जा रहा है। दूसरी तरफ, नेपाली कांग्रेस और CPN (UML) पिछले साल जेन Z प्रोटेस्ट में गिराई गई सरकार का हिस्सा थे। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं, जबकि CPN (UML) ने ओली को अपना पीएम चेहरा बनाया है।
नेपाल में लगभग 1.89 करोड़ मतदाताओं ने 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा के लिए वोट डाले थे। इनमें से 165 सीटें फर्स्ट पास्ट द पोस्ट (FPTP) यानी सीधे वोट से चुनी जाती हैं, जबकि 110 सीटों को प्राप्त वोटों के अनुपात में बांटा जाता है। FPTP के लिए 3400 से ज्यादा और प्रोपोर्शनल के लिए 3135 उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव आयोग के मुताबिक, वोटों की गिनती गुरुवार रात देर से शुरू हुई और शुक्रवार रात तक पूरी होने की उम्मीद है। फिलहाल शुरुआती नतीजे RSP की मजबूत लहर दिखा रहे हैं, जो नेपाल की राजनीति में युवा बदलाव की मांग को बयां करते हैं।