जम्मू-कश्मीर की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने बुधवार को आतंकवादी स्लीपर सेल और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए श्रीनगर, सोपोर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और बांदीपोरा समेत कई जिलों में छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों, उनके स्लीपर सेल नेटवर्क और कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के सिलसिले में की गई। मामले में विदेशी अधिनियम की धारा 14, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं 15, 16, 17 और 19 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि छापेमारी का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना, स्लीपर सेल की पहचान करना और युवाओं के कट्टरपंथीकरण से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना है। तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। इस बीच, राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलान और दोरीमल के घने जंगलों में चल रहा संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान भी जारी है। 'ऑपरेशन शेरूवाली' नाम से चलाए जा रहे इस अभियान का बुधवार को नौवां दिन पूरा हो गया।
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे इस अभियान की शुरुआत आतंकियों की मौजूदगी संबंधी विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई थी। अभियान के दौरान दोरीमल वन क्षेत्र में भारी गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी और कड़ी कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त सुरक्षा बल और संसाधन क्षेत्र में भेजे गए हैं ताकि आतंकियों को किसी भी कीमत पर घेरा तोड़कर भागने का मौका न मिले।
घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाका अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रहा है, लेकिन सुरक्षा बल लगातार निगरानी और तलाशी अभियान चलाकर संदिग्ध आतंकियों की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में मौजूद किसी भी सुरक्षा खतरे को समाप्त करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।