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TTD घी मिलावट घोटाला: ED की 6 राज्यों में बड़ी छापेमारी, 60 लाख रुपये नकद बरामद

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम  घी मिलावट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 15 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में की गई। ईडी के अनुसार, छापेमारी के दौरान 60 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा जांच में 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों में निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारी भी सामने आई है।

ईडी ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर और मुंबई, राजस्थान के बीकानेर, उत्तराखंड के देहरादून और रुड़की, तमिलनाडु के डिंडीगुल, आंध्र प्रदेश के गुंटूर और दिल्ली में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। हैदराबाद स्थित ईडी कार्यालय द्वारा संचालित इस अभियान में कई आरोपियों के घरों और कार्यालयों की तलाशी ली गई। इनमें पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्वा विनायकांत चावड़ा, मचिंद्र शांताराम लांके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल शामिल हैं।

जांच एजेंसी ने AR डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड (डिंडीगुल), मलगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (अहिल्यानगर) और भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड (रुड़की) के डेयरी प्लांटों में भी तलाशी ली। ईडी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए कई कंपनियों और व्यावसायिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर फर्जी खरीद-बिक्री के लेनदेन दिखाए गए।

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच AR डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है। आरोप है कि कुछ TTD अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर आरोपियों ने मिलावटी घी की आपूर्ति की, जिससे तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को आर्थिक नुकसान हुआ। उन पर आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के आरोप भी हैं।

ईडी के अनुसार, जांच में यह पता चला है कि मिलावटी घी की आपूर्ति से अर्जित अवैध धन को विभिन्न कंपनियों और कारोबारी संस्थाओं के जटिल नेटवर्क के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ईडी को उम्मीद है कि आगे और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।