केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 24 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 11 साल से कानून से बचता फिर रहा था और इस दौरान वह मुंबई और फरीदाबाद के बीच अपनी लोकेशन बदलता रहा। कड़ी तलाश के बाद CBI ने उसे 12 मार्च को मुंबई के कल्याण इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद के विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इसी बीच CBI ने दिल्ली के सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन के एक हेड कांस्टेबल को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद शुक्रवार रात छापेमारी कर उसे पकड़ा गया। इस मामले में दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि उनकी भूमिका की जांच की जा सके।
वहीं CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा 10 मार्च को गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर दीपक फाल्सवाल को भी शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश ज्योति क्लेर के सामने पेश किया गया। उनकी दो दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उन्होंने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की।CBI के अनुसार इंस्पेक्टर फाल्सवाल पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी व्यक्ति से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी, ताकि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत पर कार्रवाई न की जाए।
एफआईआर के मुताबिक यह मामला तब सामने आया जब दक्षिण जिला पुलिस ने मैदानगढ़ी थाने में शुभम मिश्रा द्वारा दी गई शिकायत को आगे बढ़ाया।शिकायत में कहा गया कि 22 जनवरी को खुद को CBI इंस्पेक्टर बताने वाले दीपक फाल्सवाल महाबलीपुरम, भाटी कलां स्थित उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर CBI में लंबित शिकायत को “निपटाने” के लिए 2 करोड़ रुपये की मांग की। इसके बाद CBI ने मामला दर्ज कर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।