शादी के लिए सात फेरे ही काफी नहीं हैं। आज के युवा अग्नि के सामने सात वचन लेने के बाद आठवें वचन के रूप में अदालत जा रहे हैं और अपनी शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए पंजीकरण करा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शादी का पंजीकरण कराने को लेकर यूपी के युवाओं में जागरूकता बढ़ी है। पिछले आठ साल में प्रदेश में शादी के पंजीकरण में ढाई गुना वृद्धि हुई है। जबकि इसी अवधि में शादी निरस्त कराने वालों की भी संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। इस साल अब तक 83000 जोड़े पंजीकरण करा चुके हैं। रोचक बात ये है कि पति का विदेश दौरा करने से पहले शादी का पंजीकरण कराने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है।