योगी सरकार प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए बालवाटिका में पढ़ने वाले बच्चों का डेटा डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कराने जा रही है। इसके तहत परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं के साथ सह-स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का पूरा विवरण यू-डायस प्लस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। सरकार ने इस काम को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बच्चों का विवरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शत-प्रतिशत दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही डेटा एंट्री में किसी तरह की गलती न हो, इसके लिए जानकारी का सत्यापन करने और नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया है।
यू-डायस प्लस पोर्टल पर दर्ज होगा बच्चों का विवरण
बालवाटिकाओं और सह-स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित प्रत्येक बच्चे का विवरण यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल के सेक्शन-4 'स्टूडेंट डिटेल्स' में दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सांख्यिकी ब्यूरो के निर्देशों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
डेटा की शुद्धता पर रहेगा विशेष जोर
योगी सरकार ने बच्चों की जानकारी दर्ज करते समय सावधानी बरतने और प्रत्येक विवरण का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विकासखंड स्तर पर डेटा एंट्री की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। वरिष्ठ विशेषज्ञ (प्री-प्राइमरी), समग्र शिक्षा और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को भी डेटा की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा गया है।
15 दिनों में पूरा करना होगा काम
सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में इस काम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर निर्धारित समय-सीमा में डेटा एंट्री पूरी कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य बच्चों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर योजना बनाने और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने में मदद मिल सके।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के अनुसार, बालवाटिका के बच्चों का व्यवस्थित डेटा प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर योजना बनाने और उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को समझने में सहायक होगा। वहीं, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलों को 15 दिनों के भीतर बच्चों का विवरण शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।