देश को आजाद हुए सात दशक से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। लेकिन बिहार के गया जिले के कुछ गांव अब तक पक्की सड़कें और पुल न होने की वजह से राज्य के बाकी हिस्सों से कटे हुए हैं। मानसून के सीजन में हालात ज्यादा खराब हो जाते है क्योंकि इलाके की उफनती नदियों की वजह से लोग महीनों तक पानी में फंसे रहते हैं।
गया जिले के इमामगंज सब-डिवीजन के हेरेज और पथरा जैसे गांव के हाल सबसे बुरा है। पुल न होने की वजह से मानसून के दौरान नदियों में पानी बढ़ने से लोगों का उन्हें पार करना बेहद मुश्किल होता है। गांव वालों के मुताबिक हालात बेहद गंभीर हैं क्योंकि मरीज इलाज के लिए बाहर नहीं जा पा रहे हैं। उनका दावा है कि वक्त पर इलाज न मिलने की वजह से कई लोगों की जान चली गई है।