हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 16 मार्च को जारी आधिकारिक आदेश में कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डिविजनल और डिप्टी कमिश्नरों सहित बोर्ड, निगम और स्वायत्त निकायों के अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
आदेश में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी दफ्तर या कोर्ट में उपस्थित होते समय साफ-सुथरे, सादे और औपचारिक कपड़े पहनें। कैजुअल या पार्टी वियर पर सख्त रोक लगाई गई है। पुरुष कर्मचारियों को शर्ट-पैंट या कॉलर वाली शर्ट के साथ उचित जूते पहनने की सलाह दी गई है। महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, फॉर्मल सूट, सलवार-कमीज, चूड़ीदार या दुपट्टे के साथ कुर्ता पहनना अनिवार्य बताया गया है। सरकार ने खास तौर पर दफ्तर में जींस और टी-शर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगाया है, यह कहते हुए कि पहनावा सरकारी सेवा की गरिमा और पेशेवर छवि को दर्शाता है।
सरकार ने यह भी कहा कि 2017 में जारी निर्देशों के बावजूद कई कर्मचारी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही व्यक्तिगत साफ-सफाई और सलीके पर भी जोर दिया गया है। सोशल मीडिया को लेकर सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारी ड्यूटी के दौरान और उसके बाहर भी ईमानदारी, निष्पक्षता और जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखें। कर्मचारियों को बिना अनुमति सरकारी नीतियों पर टिप्पणी करने या आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से मना किया गया है।
इसके अलावा, कर्मचारियों को सार्वजनिक मंचों, सोशल मीडिया, ब्लॉग या व्लॉग पर राजनीतिक या धार्मिक विचार व्यक्त करने से भी रोका गया है। बिना अनुमति किसी भी आधिकारिक दस्तावेज या जानकारी को साझा करना भी प्रतिबंधित है। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी बयान या गतिविधि, जिससे सरकारी नीतियों की आलोचना हो या सरकारों के बीच संबंध प्रभावित हों, पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन होने पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।