मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आधुनिक विज्ञान, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र के विस्तार के माध्यम से मध्य प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन महानगरीय क्षेत्र राज्य के विकास का नया इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4, आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर आर्थिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर प्रदेश में आधुनिक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 557 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आईटी पार्क-3 का भवन राज्य का सबसे ऊंचा भवन होगा। यह एक ग्रीन बिल्डिंग है और लगभग 11.5 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह 22 मंजिला विश्वस्तरीय भवन मध्य प्रदेश का प्रमुख आईटी पार्क बनेगा। वर्तमान में 17 मंजिलों और दो स्तरीय बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना को इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अगले वर्ष से यहां आईटी और सेवा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इंदौर को आईटी और सेवा क्षेत्र की राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 'स्कूल चलें हम अभियान' के तहत 'शाला प्रारंभ उत्सव' कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया, छात्राओं से बातचीत की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।