कोलकाता के चर्चित आरजी कर रेप और हत्या मामले में सोमवार को फैसला आने वाला है। इससे पहले मृतक पीड़िता के पिता ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। पीड़िता के पिता ने पीटीआई वीडियो से कहा, "संजय रॉय को कड़ी सजा मिलेगी। हमें जज पर भरोसा है। संजय रॉय के खिलाफ सबूत और गवाह हैं। कोर्ट में सीबीआई ने जो सबूत दिए हैं, वे उनके खिलाफ हैं।"
पिता ने कहा कि हमें अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। संजय रॉय को सोमवार सुबह सियालदह कोर्ट लाया गया है। रॉय को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है, उसमें उसे न्यूनतम आजीवन कारावास, जबकि अधिकतम मौत की सजा हो सकती है।
सियालदह की अदालत के अतिरिक्त जिला और सत्र जज अनिर्बान दास ने शनिवार को रॉय को पिछले वर्ष नौ अगस्त को अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया था। इस जघन्य अपराध के कारण देश भर में आक्रोश फैल गया था और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा था।
संजय को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में 31 वर्षीय चिकित्सक का शव पाए जाने के एक दिन बाद 10 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। जज ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत उसे दोषी ठहराया है। बीएनएस की धारा 64 (दुष्कर्म) के तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है, जो आजीवन कारावास तक हो सकती है। धारा 66 के तहत कम से कम 20 साल की सजा का प्रावधान है और ये आजीवन कारावास तक हो सकती है।
बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) के तहत दोषी को मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित कर दी थी। जज ने कहा कि रॉय का बयान दोपहर साढ़े 12 बजे सुना जाएगा और उसके बाद सजा सुनाई जाएगी। शनिवार को फैसला सुनाए जाने के समय रॉय ने अदालत में दावा किया कि उन्हें फंसाया गया है।