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योगी सरकार में 14.71 करोड़ लोगों तक पहुंच रहा राशन, लखनऊ मंडल के 1.72 करोड़ लाभार्थियों को मिल रहा फायदा

उत्तर प्रदेश में 14 करोड़ से अधिक लोगों को सरकारी राशन योजना का लाभ मिल रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3.67 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 14.71 करोड़ सदस्यों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का कहना है कि राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रदेश के 18 प्रशासनिक मंडलों में लखनऊ मंडल खाद्यान्न वितरण के मामले में आगे है। यहां छह जिलों के 45.24 लाख से अधिक राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 1.72 करोड़ सदस्यों को योजना का लाभ मिल रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ मंडल के जिलों में राशन कार्डधारकों और लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है।

  • सीतापुर: 9,25,642 राशन कार्डधारक परिवार और 34,66,349 लाभार्थी

  • लखीमपुर खीरी: 8,67,320 राशन कार्डधारक परिवार और 31,20,657 लाभार्थी

  • हरदोई: 8,00,618 राशन कार्डधारक परिवार और 31,06,086 लाभार्थी

  • लखनऊ: 7,56,120 राशन कार्डधारक परिवार और 30,23,717 लाभार्थी

  • उन्नाव: 6,14,246 राशन कार्डधारक परिवार और 23,11,523 लाभार्थी

  • रायबरेली: 5,60,533 राशन कार्डधारक परिवार और 21,85,583 लाभार्थी

इन आंकड़ों के अनुसार, सीतापुर में सबसे अधिक 34.66 लाख से ज्यादा लोगों को राशन योजना का लाभ मिल रहा है। इसके बाद लखीमपुर खीरी और हरदोई का स्थान है। सरकार राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-पॉस मशीनों और बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल कर रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी राशन कार्ड, घटतौली और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर रोक लगाना और पात्र लाभार्थियों तक उनका राशन पहुंचाना है।

तकनीक के इस्तेमाल से राशन वितरण की प्रक्रिया की निगरानी करना आसान हुआ है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ियों को रोकने और लाभार्थियों को उनके हिस्से का खाद्यान्न उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी सुविधा के जरिए दूसरे स्थानों पर भी राशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे रोजगार के लिए अपने गृह जिले या राज्य से बाहर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को खाद्य सुरक्षा मिलती है।

यह सुविधा उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जिन्हें काम के सिलसिले में बार-बार अपना स्थान बदलना पड़ता है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अंत्योदय परिवारों को प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है। वहीं, पात्र गृहस्थी परिवारों को प्रति यूनिट 5 किलोग्राम अनाज का आवंटन किया जाता है।

सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक चिंता कम करना है, ताकि वे अपनी आय का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी खर्चों में कर सकें। प्रदेश में करोड़ों लोगों तक राशन पहुंचाने वाली यह व्यवस्था खाद्य सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रही है।