Breaking News

चक्रवात मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश में उखड़े पेड़     |   यूपी में आज बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा     |   जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में भूकंप के झटके, 3.1 रही तीव्रता     |   'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ सड़कों पर उतरेगी BJP, यूपी के 6 क्षेत्रों में पदयात्रा     |   ट्रंप प्रशासन को SC से झटका, कैलिफोर्निया के 20 हजार बैलेट गिनने पर रोक की मांग खारिज     |  

जहरीली शराब मामले में मद्रास हाई कोर्ट में जनहित याचिका, मुआवजे की रकम पर जताया ऐतराज

Tamil Nadu: तमिलनाडु में कल्लाकुरिची जहरीली शराब मामले के सभी पीड़ितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के राज्य सरकार के आदेश को रद्द करने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। ये जनहित याचिका मोहम्मद गौस ने दायर की है। याचिका पर सुनवाई के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस मोहम्मद शफीक की डिवीजन बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि मुआवजे की रकम ज्यादा है। साथ ही उन्होंने मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी। 

जनहित याचिका में कहा गया है कि पीड़ित स्वतंत्रता सेनानी या सामाजिक कार्यकर्ता नहीं थे जिन्होंने आम जनता या समाज के लिए अपनी जान गंवाई बल्कि उन्होंने जहरीली शराब पीकर गैरकानूनी काम किया। गौस की ओर से दाखिल याचिका के मुताबिक, जहरीली शराब पीना गैरकानूनी है। याचिका में कहा गया है कि राज्य को उन लोगों पर दया नहीं करनी चाहिए जिन्होंने जहरीली शराब पी और गैरकानूनी काम किया।

उन्होंने कहा कि मुआवजा सिर्फ हादसे के पीड़ितों को दिया जाना चाहिए, न कि उन लोगों को जिन्होंने अपने मजे के लिए कोई गलत काम किया हो। याचिका में कहा गया कि जहरीली शराब मामले के सभी पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश गलत और मनमाना है। साथ ही ये भी कहा गया है कि जहरीली शराब पीने वालों को मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए और उनके साथ पीड़ित जैसा बर्ताव भी नहीं किया जाना चाहिए।