मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार रामनगरी को रामायण की थीम पर सजाया जा रहा है। दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इन पर रामायण के प्रसंगों, प्रभु श्रीराम की लीलाओं और चौपाइयों को दर्शाया जाएगा।
दीपोत्सव के लिए बनाए जा रहे 13 प्रवेश द्वारों में से तीन हाईवे पर और 10 राम की पैड़ी पर लगाए जा रहे हैं। इन द्वारों पर रामायण की चौपाइयां अंकित होंगी, जो श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों की याद दिलाएंगी।
रामायण के प्रसंगों पर आधारित होंगे 20 सेल्फी प्वाइंट
श्रद्धालुओं के लिए 20 सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। इनमें 10 रामकथा मार्ग पर और 10 लता चौक से राम की पैड़ी तक लगाए जाएंगे। इनकी थीम रामायण के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित होगी।
इनमें महर्षि वाल्मीकि आश्रम, श्रीराम का धनुष भंग, श्रीराम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, श्रीराम-भरत मिलाप, जटायु से प्रभु श्रीराम का संवाद और श्रीराम-निषादराज मिलन जैसे दृश्य शामिल होंगे।
हनुमान जी की लीलाओं से लेकर रावण वध तक का चित्रण
सेल्फी प्वाइंटों पर सुमेरु पर्वत लेकर उड़ते हनुमान, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट, लंका दहन और रावण वध जैसे प्रसंग भी दिखाए जाएंगे। इसके अलावा श्रीराम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान, केवट मिलन, जटायु से वार्तालाप और माता सीता की अग्नि परीक्षा के दृश्य भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
लता चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे सेल्फी प्वाइंट रामायण के सातों कांड पर केंद्रित होंगे। इन संरचनाओं को धनुष के आकार में तैयार किया जा रहा है, जो भगवान श्रीराम और अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाएगा।
भक्ति और डिजिटल आकर्षण का संगम
योगी सरकार के प्रयासों से दीपोत्सव में पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक और कलात्मक सजावट को भी जोड़ा जा रहा है। थीमेटिक प्रवेश द्वार और सेल्फी प्वाइंट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। यहां लोग तस्वीरें लेकर दीपोत्सव की यादों को संजो सकेंगे। इन तैयारियों के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।