मीरापुर उपचुनाव के टिकट को लेकर भाजपा-रालोद गठबंधन के दिग्गज नेताओं के बीच खूब टकराव हुआ। रालोद की अंतरकलह से टिकट छिटककर भाजपा के खेमे में पहुंचा। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने लखनऊ से दिल्ली तक पूर्व विधायक मिथलेश पाल की पैरवी की। बड़ी वजह यह भी है कि लोकसभा चुनाव में पूर्व विधायक खेमेबंदी से दूर रहीं, जिससे मीरापुर के टिकट की राह आसान हो गई।
मीरापुर सीट के टिकट के लिए 25 से अधिक भाजपा और रालोद नेताओं के बीच दावेदारी थी। लेकिन बाजी पूर्व विधायक मिथलेश पाल के हाथ लगी। लोकसभा चुनाव में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान की हार के बाद से गठबंधन में सियासी कद की लड़ाई भी चल रही है। लोकसभा चुनाव में हुई खेमेबंदी का नुकसान भाजपा प्रत्याशी को उठाना पड़ा था। भाजपा और रालोद के कई बड़े नेताओं के नाम भितरघात की चर्चा में शामिल रहे।