गुजरात सरकार ने मछुआरा समुदाय को बड़ी राहत देते हुए डीजल VAT राहत योजना में अहम बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए 20 मीटर लंबाई वाली नौका की सीमा खत्म कर दी है। पहले केवल 20 मीटर से छोटी मशीनी नौकाएं ही इस योजना का लाभ ले सकती थीं। अब यह सुविधा सभी मशीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं, जिनमें गहरे समुद्र में जाने वाली नौकाएं भी शामिल हैं, को मिलेगी।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से गुजरात की 18,000 से अधिक पंजीकृत मशीनी नौकाओं को योजना का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए नाव का रियल क्राफ्ट पोर्टल (Real Craft Portal) पर पंजीकरण होना और वैध फिशिंग लाइसेंस होना जरूरी है। सरकार सभी पात्र नौकाओं को डीजल कार्ड जारी करेगी। इस कार्ड के जरिए मछुआरों को डीजल पर प्रति लीटर 15 रुपये तक की VAT राहत मिलेगी। हालांकि, अगर किसी क्षेत्र में VAT 15 रुपये से कम है, तो राहत केवल वास्तविक VAT राशि के बराबर ही मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से छोटे, मध्यम और बड़े सभी मशीनी नाव संचालकों का ईंधन खर्च कम होगा, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार ने ऐसे मछुआरों से जल्द पंजीकरण और फिशिंग लाइसेंस बनवाने की अपील भी की है।