केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी बैंकों, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को मजबूत बनाने के लिए तैयार राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की। बैठक में डिजिटल बदलाव, साइबर सुरक्षा और सहकारी संस्थाओं को बेहतर सहयोग देने पर विशेष चर्चा हुई। अमित शाह ने सहकारी बैंकों को जल्द से जल्द साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था और एक समान सेवा ढांचा अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण सहकारी बैंकों को 'सहकार सारथी' प्लेटफॉर्म से जोड़ने और शहरी सहकारी बैंकों को नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NUCFDC) से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि NUCFDC सभी शहरी सहकारी बैंकों को एक साझा मंच पर लाने के लिए काम कर रहा है, जिससे तकनीकी सुविधाएं और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे बैंकिंग सेवाएं बेहतर होंगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
अमित शाह ने कहा कि MuleHunter.AI को इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से जोड़ने से सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी पकड़ने की क्षमता मजबूत होगी। इससे ऑनलाइन वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि सहकार सारथी प्लेटफॉर्म पर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) शुरू की जा चुकी है। साथ ही कुछ सहकारी बैंकों में ई-केवाईसी (e-KYC) सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। अगस्त 2026 तक कम से कम 100 सहकारी बैंकों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में बताया गया कि नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) जैविक किसानों से खरीद बढ़ाएगा और परीक्षण, प्रमाणन तथा बाजार से जुड़ाव को मजबूत करेगा। वहीं नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL) सहकारी उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए काम करेगा। अधिकारियों ने 'को-ऑप मार्क' डिजिटल मार्केटप्लेस की भी जानकारी दी, जो सहकारी उत्पादों की ब्रांड पहचान बढ़ाने, नए बाजार उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा। अमित शाह ने कहा कि सहकारी क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के जरिए सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।