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बोस-कल्याण विवाद में नया मोड़, टीएमसी सांसद ने राज्यपाल के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

Kolkata: टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बीच टकराव बुधवार को और बढ़ गया, जब बनर्जी ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख के खिलाफ हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में जवाबी शिकायत दर्ज कराई, जबकि राज्यपाल ने उसी थाने में बनर्जी खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

टीएमसी नेता ने वकीलों के जरिए दाखिल अपनी शिकायत में बीएनएसएस की धारा 173 (एक) के तहत जानकारी मांगी है। उन्होंने राज्यपाल के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के तहत पुलिस कार्रवाई की भी मांग की है, जिनमें आपराधिक साजिश और भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले काम शामिल हैं।

बनर्जी ने राज्यपाल की ओर से दायर प्राथमिकी के एक दिन बाद ये कदम उठाया है।टीएमसी नेता पर राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल पर हमला करने या उन्हें अपनी वैध शक्तियों के प्रयोग से गलत तरीके से रोकने के अपराध से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।

राज्यपाल ने राजभवन परिसर में हथियारों और गोला-बारूद की तलाशी अभियान के बाद अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका सीधा प्रसारण किया गया था। ये कार्रवाई बनर्जी के आरोपों के बाद की गई थी। राज्यपाल भवन के शीर्ष अधिकारियों ने बाद में कहा था कि परिसर के अंदर ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे टीएमसी सांसद के दावों की पुष्टि हो सके।

दूसरी ओर, बनर्जी ने राज्यपाल के पिछले सार्वजनिक बयानों का हवाला दिया और उन पर पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और एक विशेष समुदाय को दंगा भड़काने और लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए जानबूझकर उकसाने का आरोप लगाया।

हुगली जिले के सेरामपुर से सांसद ने राज्यपाल पर राज्य पुलिस बल के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बयान देने और राजभवन के गलियारों से जनता में भय और चिंता पैदा करने के लिए निराधार और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का भी आरोप लगाया।

टीएमसी नेता ने पुलिस से बोस और राजनीतिक नेताओं के वेश में अपराधियों के बीच ऑफ द रिकॉर्ड और अनौपचारिक रिश्तों, बातचीत और बैठकों की जांच करने का आग्रह किया। उन्होंने सीवी आनंद बोस के आपराधिक कृत्यों के पीछे असली साजिशकर्ताओं का पता लगाने की जरुरत पर जोर दिया। बनर्जी ने राजभवन स्थित राज्यपाल सचिवालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का भी नाम लिया और सी.वी. आनंद बोस की आपराधिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी की जांच की मांग की।