तेलंगाना में हैदराबाद के प्रीति यूरोलॉजी एवं किडनी अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सिर्फ लैप्रोस्कोपिक या कीहोल प्रक्रिया का इस्तेमाल करके भारत में पहली बार द्विपक्षीय मूत्रवाहिनी पुनर्निर्माण सफलतापूर्वक किया है। इस सर्जरी के जरिए 51 साल की महिला के लिवर को सुरक्षित रखा जा सका। महिला की मूत्रवाहिनी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आम तौर पर ऐसे मामले देखने को नहीं मिलते हैं। अब तक दुनिया भर में ऐसे सिर्फ नौ मामले ही सामने आए हैं और ये सभी भारत के बाहर के हैं। मरीज सुभद्रा कहती हैं कि उन्हें बहुत राहत मिली हैं और वे खुश हैं कि उन्हें दर्द से निजात मिल गई है। सर्जरी करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक ये पहला मौका है जब भारत में इस तरह की प्रक्रिया पूरी तरह से कीहोल सर्जरी के जरिए की गई है। उनका मानना है कि ये देश की चिकित्सा की दुनिया में नया मुकाम कायम करेगी।
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