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बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात! किउल-झाझा के बीच बिछेगी तीसरी रेल लाइन, 962 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

भारतीय रेलवे ने बिहार में किऊल-झाझा के बीच 54 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। 962 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना हावड़ा-दिल्ली उच्च घनत्व रेल कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता सुधारने और रेल यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किऊल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों की समयपालन क्षमता और परिचालन लचीलापन बेहतर होगा। इससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी तथा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापार संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा।

वर्तमान में किऊल-झाझा के बीच मौजूदा डबल लाइन अपनी क्षमता से अधिक उपयोग में है। आने वाले वर्षों में इस मार्ग पर यातायात और बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त लाइन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह रेलखंड पटना और कोलकाता के बीच संपर्क को मजबूत करेगा और उत्तर तथा पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों से जुड़े माल परिवहन को भी गति देगा।

यह मार्ग कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों को रक्सौल और नेपाल से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही, बरह सुपर थर्मल पावर प्लांट, जवाहर सुपर थर्मल पावर प्लांट और बिरगंज आईसीडी से जुड़े भारी माल परिवहन का भी यह प्रमुख मार्ग है। रेलवे के अनुसार, परियोजना से दीर्घकालिक आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, भीड़भाड़ कम होगी और पूर्वी व उत्तरी भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच रेल परिवहन अधिक विश्वसनीय बनेगा।