Chandigarh: चंडीगढ़ के छात्रों, एनसीसी कैडेट्स और कई लोगों को शुक्रवार को वो अनुभव हुआ, जिसे वे शायद ही भूल पाएं। मौका था 1965 के भारत-पाक युद्ध की 57वीं सालगिरह का। सेना की पश्चिमी कमान ने चंडीगढ़ के तिरंगा अर्बन पार्क में भव्य प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में सैन्य उपकरण और हथियार देखने को मिले।
दो दिन की प्रदर्शनी शुक्रवार को शुरू हुई। छात्रों और एनसीसी कैडेटों को देश की सैन्य शक्ति और अत्याधुनिक रक्षा तकनीक को करीब से देखने का मौका मिला, तो वे रोमांचित हो उठे। प्रदर्शनी में पैदल सेना के हथियार, टैंक-रोधी मिसाइलें, वायु रक्षा बंदूकें, रडार और नकली खाइयां थीं।
आधुनिक ड्रोन युद्ध प्रणालियां पर इंटरैक्टिव स्टॉल लगा था। यहां छात्रों को आधुनिक युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और उपकरणों को देखने का मौका मिला। छात्रों ने प्रदर्शनी को काफी प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि किताबों में पढ़ी हुई बातों को सामने से देखने का रोमांच ही अलग है।
प्रदर्शनी का मकसद 1965 के युद्ध नायकों की वीरता और बलिदान को याद करना था। साथ-साथ युवा पीढ़ी को सेना की समृद्ध विरासत की जानकारी देनी थी।