भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच देशभर के हवाई अड्डों पर विशेष निगरानी और अलर्ट के निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में अमृतसर एयरपोर्ट पर लगाया गया हाई अलर्ट अब हटा दिया गया है, जिससे वहां अब सामान्य संचालन की उम्मीद है। हालांकि, गुजरात के भुज एयरपोर्ट पर खतरे की आशंका को देखते हुए नागरिक उड़ानों पर रोक 14 मई 2025 तक बढ़ा दी गई है।
भुज एयरपोर्ट की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। पाकिस्तान की ओर से हाल ही में सीमा पार मिसाइल और ड्रोन हमले की नाकाम कोशिशों के चलते यह निर्णय लिया गया है। गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त बैठक के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भुज एयरपोर्ट से उड़ानों की आवाजाही पहले ही सीमित थी, लेकिन अब सभी नागरिक उड़ानों पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। केवल आपातकालीन और सैन्य उड़ानों को ही संचालन की अनुमति होगी। एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ और राज्य पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने एयरलाइन से उड़ानों की पुष्टि कर लें।
वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर सामान्य सुरक्षा व्यवस्था फिर से लागू कर दी गई है, हालांकि सतर्कता बरतने के निर्देश जारी हैं। यात्रियों की स्क्रीनिंग और बैगेज चेकिंग में अब भी अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट हटने के बाद भी सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
देश के अन्य संवेदनशील एयरपोर्ट्स जैसे पठानकोट, श्रीनगर, जोधपुर, और पठान समेत कई हवाई अड्डों पर अब भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। सरकार और एजेंसियों का पूरा फोकस नागरिकों की सुरक्षा और एयरस्पेस की निगरानी पर है। इस स्थिति में यात्रियों को धैर्य रखने और अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।