Breaking News

राजस्थान निकाय चुनाव 2026: नगर परिषद की 47 सीट का रुझान, 15 पर BJP आगे     |   यूपी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अफसरों के तबादले     |   तेलंगाना: तड़के बेकाबू बस ने कई वाहनों और होटल को रौंदा, 1 की मौत     |   राजस्थान निकाय चुनाव: 309 सीटों के नतीजे जारी, 163 पर जीती बीजेपी     |   राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 92 सीटों पर बीजेपी की जीत, 58 पर कांग्रेस का कब्जा     |  

हार्दिक ने काफी मुश्किल वक्त देखा है, चाहता हूं कि वो T20 World Cup में अच्छा करें: हरभजन सिंह

हार्दिक पंड्या के लिए पिछले दो महीने काफी मुश्किल भरे रहे हैं और उन से हमदर्दी रखने वाले पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह चाहते हैं कि ये भारतीय हरफनमौला आगामी टी20 विश्व कप में अपने प्रभावी प्रदर्शन से इस बुरे समय को पीछे छोड़े। हार्दिक की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का इंडियन प्रीमियर लीग में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम तालिका में 10वें पाएदान पर रही और इस दौरान वो खुद गेंद और बल्ले से असर छोड़ने में नाकाम रहे। उनके लिए चीजें उस समय और मुश्किल हो गयी जब स्टेडियम के अंदर दर्शक उनके खिलाफ हूटिंग करने लगे। 

हरभजन को हालांकि उम्मीद है कि अमेरिका में टी20 विश्व कप के दौरान चीजें बदलेंगी। उन्होंने कहा ‘‘जब वो नीली जर्सी (भारतीय टीम की जर्सी) पहनेगा तो वो एक अलग हार्दिक पंड्या होगा क्योंकि हम जानते हैं कि वो रन बना सकता है और विकेट ले सकता है। मैं चाहता हूं कि हार्दिक अच्छा प्रदर्शन करें क्योंकि वो बहुत कुछ झेल चुका है और मैं उन्हें भारत के लिए बहुत अच्छे टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देता हूं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हार्दिक के लिए अगर ये टूर्नामेंट अच्छा रहा तो जाहिर तौर पर भारत के पास आगे बढ़ने का शानदार मौका होगा।’’ इस 43 साल के पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘‘हां, उनकी फॉर्म थोड़ी चिंता का विषय है। उनके आसपास बहुत सारी चीजें चल रही थीं, उनका गुजरात (टाइटंस) से मुंबई (इंडियंस) ट्रांसफर होना बड़ा बदलाव था और टीम (एमआई) ने कप्तान के तौर पर हार्दिक के लिए अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी थी।’’ 

हार्दिक को दर्शकों के विरोध का सामना इसलिए करना पड़ा क्योंकि मुंबई की फ्रेंचाइजी ने बेहद सफल रोहित शर्मा की जगह उन्हें कप्तानी सौंप दी। टी20 और एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे हरभजन ने टीम प्रबंधन से हार्दिक और रोहित को ‘एकजुट’ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लग रहा था कि वे एक टीम (मुंबई इंडियंस) के रूप में एक साथ नहीं खेल रहे थे। इसलिए बहुत कुछ चल रहा था। हार्दिक पिछले दो महीनों में एक स्वतंत्र व्यक्ति नहीं थे। मेरा मानना है कि इन दोनों के अलावा आईपीएल में अन्य टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे खिलाड़ियों को देश के लिए एकजुट होकर खेलना होगा।’’ 

हरभजन ने कहा, ‘‘विश्व कप जीतना आईपीएल ट्रॉफी जीतने से भी बड़ी उपलब्धि है, इसलिए मैं प्रबंधन से सभी को एक साथ लाने और उनकी एकजुटता पक्की करने का आग्रह करूंगा ताकि वे एक टीम के तौर पर खेल सकें। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि एक साथ आना और एक साथ जीतना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। अगर वे हारते भी हैं तो उन्हें एक साथ हारना चाहिए।’’ हरभजन ने कहा कि विश्व कप के दौरान अनुभवी जसप्रीत बुमराह को तेज गेंदबाजी में दूसरे छोर से बेहतर साथ की जरूरत होगी। टीम की तेज गेंदबाजी इकाई में बुमराह के अलावा मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह शामिल है। 

उन्होंने कहा, ‘‘तेज गेंदबाजी आक्रमण निश्चित तौर पर चिंता का विषय हो सकता है। बुमराह अलग तरह के गेंदबाज है और उन्हें सफलता के लिए हालात की जरूरत नहीं है जबकि अर्शदीप और सिराज जैसे अन्य गेंदबाजों को हालात से मदद की जरूरत होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह के कंधों पर बहुत ज़िम्मेदारी होगी लेकिन मुझे उम्मीद है कि अन्य तेज गेंदबाज भी कुछ खास बनने की जिम्मेदारी लेंगे।’’ 

हरभजन भारत के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के टी20 फॉर्मेंट में बल्लेबाजी करने के तरीके में आए बदलाव से काफी प्रभावित है। उन्होंने कहा, ‘‘विराट ने पिछले साल से इस साल तक काफी सुधार दिखाया है और लोग उनके स्ट्राइक रेट के बारे में बात करते हैं। पिछले साल ये 130 के आसपास था और इस बार 160 के आसपास है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये एक बड़ा बदलाव है लेकिन विराट और रोहित को पावरप्ले में तेजी से रन बनाने होंगे। इसके साथ ही अमेरिका और वेस्टइंडीज के हालाता का भी सम्मान करना होगा।’’ 

भारतीय टीम के कोच के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो भी कोच बने उसका काम खिलाड़ियों को एकजुट रखना होगा। राहुल द्रविड़ का कार्यकाल टी20 विश्व कप के बाद खत्म हो रहा है और इस दौड़ में गौतम गंभीर का नाम आगे चल रहा है। हरभजन ने कहा, ‘‘मुझे लग रहा है कि ये सिर्फ कयास (गंभीर का कोच बनना) है। एक कोच के लिए सबसे बड़ी चीज सभी को एक साथ लाना है, ताकि टीम एक साथ खेले। इसलिए, चाहे गौतम कोच बनें या आशीष नेहरा, या जिसे भी मौका मिले, उम्मीद है कि वे दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’  

उन्होंने खुद को इस दौड़ से बाहर करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं इतना समय दे पाऊंगा। जीवन के इस पड़ाव मेरे लिए ये संभव नहीं है। मेरा परिवार काफी युवा है और मुझे उनके आसपास रहने और उनकी देखभाल करने की जरूरत है। जब सही समय आएगा, मैं आगे बढ़ कर कहूंगा कि मैं इसके लिए तैयार हूं।’