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BJP नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज का निधन, PM मोदी ने जताया शोक

वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और जाने-माने पत्रकार बलबीर पुंज का शनिवार शाम निधन हो गया। उनके निधन के साथ ही राजनीति, पत्रकारिता और सार्वजनिक चिंतन के क्षेत्र में एक लंबे और प्रभावशाली कॅरिअर का अंत हो गया। पुंज प्रभावशाली विचारक, स्तंभकार और भाजपा के बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी रहे। उन्हें 2022 में देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया गया था। पुंज के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक जताया है।

पीएम मोदी ने एक्स हैंडल पर उनके साथ तस्वीर साझा कर उन्हें सम्मानित बुद्धिजीवी और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध बताया। पीएम मोदी ने पूर्व पत्रकार रहे पुंज के विचारों का जिक्र करते हुए लिखा कि लोग उनकी लेखनी के कायल थे। राजनीति में आने से पहले, पुंज ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक विशिष्ट कॅरिअर बनाया। उन्होंने अपनी पेशेवर यात्रा की शुरुआत 1971 में द मदरलैंड नामक एक दैनिक समाचार पत्र के प्रकाशन के साथ की। वह 1974 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस में शामिल हुए और 1996 तक, दो दशकों से भी अधिक समय तक फाइनेंशियल एक्सप्रेस में काम किया। वह अपने पैने विश्लेषण और टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। बाद में, उन्होंने मई 1996 से मार्च 2000 तक द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स के कार्यकारी संपादक के तौर पर काम किया।

पुंज पत्रकारिता संस्थानों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे थे। उन्होंने 1989 से 1991 के बीच लगातार दो कार्यकाल तक दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और 1993 से 1995 तक नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव रहे। उनका योगदान मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में भी रहा। उन्होंने मार्च 2000 तक दो वर्षों के लिए दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया प्रशिक्षण संगठन, आईआईएमसी की अध्यक्षता की थी।

 सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में, पुंज ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इनमें राष्ट्रीय युवा आयोग के अध्यक्ष और 1996-97 के दौरान दिल्ली वित्त आयोग के सदस्य का पद शामिल है। उनके कार्यों में शासन और युवा विकास के प्रति उनकी निरंतर संलग्नता की झलक मिलती है। एक लेखक और स्तंभकार के रूप में वह अपने अंतिम दिनों तक सक्रिय रहे और उन्होंने हिंदी तथा अंग्रेजी के समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में व्यापक लेखन किया। उनके आजीवन योगदान की मान्यता स्वरूप, 18 मई 2022 को उन्हें आजीवन देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया गया।