Job burnout: आजकल कम उम्र के लोगों में तनाव की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। यह तनाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और इनके तनाव का कारण उनके करियर से जुड़ी चिंता है। अगर युवा नौकरी कर रहा है तो उसे ऑफिस का तनाव है। काम का प्रेशर ज्यादा और बहुत देर तक काम करने की वजह से युवा तनाव का शिकार हो रहे हैं। ये मानसिक दबाव बेहद खतरनाक हो सकता है और इसकी वजह से लोग आत्महत्या भी कर रहे हैं।
आज के समय में पैसों के बिना कुछ भी मुमकिन नहीं है, इसीलिए अपने परिवार को पालने के लिए ज्यादातर लोग जॉब करते हैं। लेकिन आज के समय में नौकरी करना आसान बात नहीं है। काम के लंबें घंटे, डेडलाइन, काम में कॉम्पीटिशन, ऑफिस पॉलिटिक्स, लॉन्ग ट्रैवल ये कुछ वजहें हैं जिससे आज नौकरी करने वाला हर इंसान परेशान है। यही वजह है जो युवाओं में तनाव बढ़ा रही है।
आज के युवा काम करने के लिए कैपेबल तो है पर प्रेशर झेलना नहीं जानते, यही सबसे बड़ी वजह है आज ज्यादातर नौकरी करने वाले युवा किसी न किसी तरह का तनाव झेल रहे हैं। इस तनाव का हिस्सा जॉब बर्नआउट भी है जो नौकरी की वजह से होता है। जब काम में सफलता नहीं मिलती, तो ये व्यक्ति का तनाव बढ़ा सकती है। यही वजह है कि आजकल ज्यादातर नौकरी करने वाले युवा शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को थका हुआ महसूस करते हैं।
क्या है जॉब बर्नआउट?
जॉब बर्नआउट का मतलब नौकरी करते समय आने वाली परेशानियों या मुश्किलों की वजह से शारीरिक और दिमागी रूप से तनाव और थकान का सामना करना। यह स्थिति जब होती है जब काम का प्रेशर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में नौकरी को लेके हमेशा बुरे ख्याल आते हैं और ऑफिस में काम करते वक्त मन नहीं लगता।
लक्षण
- इस स्थिति में आदमी खुद को बेहद थका हुआ महसूस करता है।
- इसीलिए काम पर फोकस नहीं कर पाता।
- जॉब बर्नआउट की स्थिति में अचानक से मूड में बदलाव होते हैं।
- अगर किसी काम में सफलता नहीं मिली, तो व्यक्ति का तनाव बढ़ जाता है।
जॉब बर्नआउट होने की सिचुएशन
- नौकरी को लेकर बुरे ख्याल आना
- काम में ध्यान नहीं लगाना
- काम सहीं से नहीं करना
- कमजोर महसूस करना
बीमारियां
अगर इसपर ध्यान ना दिया जाए तो आगे चलकर ये बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। जॉब बर्नआउट के चलते मानसिक और शारीरिक रूप से परेशानियां हो सकती हैं। शुरूआत में ये समस्या स्ट्रेस तक सीमित रहेगी पर धीरे-धीरे ये डिप्रेशन और एंग्जायटी का रूप ले सकती है। नींद ना आना, सिरदर्द होना और मांसपेशियों में दर्द होना ये सभी तनाव का कारण बन सकते हैं।
बचाव के तरीके
- नहीं कहने की आदत डालें, जिस से आपको परेशानी हो रही है उसके लिए ऑफिस में किसी से मदद लें और जो काम आप नहीं कर सकते उसे मना करे।
- काम करने के बाद रोजाना एक घंटा खुद के लिए निकालें, इस मसय में कुछ ऐसे काम करें जिनसे आपको बेहद खुशी मिलती है।
- एक समय पर एक ही काम करें, एक साथ बहुत सारे काम करने से आपको थकान महसूस हो सकता है।
- रोजाना मेडिटेशन करें, ये तनाव कम करने में सहायक है।
- हमेशा अपनी एचिवमेंट्स पर ध्यान दें, ऐसा करने से तनाव नहीं होगा।