Breaking News

'लक्ष्य कभी भी आसान नहीं होना चाहिए...', 'परीक्षा पे चर्चा' में PM मोदी की छात्रों को सीख     |   यूपी में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने की आज आखिरी तारीख     |   जालंधर: गुरुद्वारा के बाहर AAP नेता की हत्या, लक्की ओबेरॉय को मारी गईं पांच गोलियां     |   युवराज मौत मामला: इलाहाबाद हाई कोर्ट से बिल्डर अभय कुमार को राहत, रिहा करने का आदेश     |   आज ओमान में शुरू होगी अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता, 9 महीने बाद पहली बैठक     |  

स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है योग, बढ़ते पॉल्यूशन से राहत दिलाता है राहत

आज के समय में, बढ़ते वायु प्रदूषण (पॉल्यूशन) ने हमारे स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल दिया है। खासकर बड़े शहरों में, जहरीली हवा और प्रदूषकों की भरमार से सांस लेने में कठिनाई, अस्थमा, दिल की बीमारियाँ, और अन्य श्वसन समस्याएँ आम हो गई हैं। ऐसे में, योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है जो न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी राहत दिलाने में सहायक है। तो आइए जानते हैं कि योग पॉल्यूशन से कैसे राहत दिला सकता है और किस तरह यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है।

1. श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है
योग के प्राचीन अभ्यासों में श्वसन की तकनीकों (प्राणायाम) को विशेष महत्व दिया गया है। प्राणायाम से हमारी श्वसन प्रणाली मजबूत होती है और हम गहरी सांसें लेने में सक्षम होते हैं, जो पॉल्यूशन से प्रभावित फेफड़ों को ताजगी देती हैं।

कपालभाति और आंको प्राणायाम जैसे योगासन श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद करते हैं। ये अस्वस्थ प्रदूषकों को बाहर निकालने में सहायक होते हैं और फेफड़ों को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
अनुलोम-विलोम (नाड़ी शोधन प्राणायाम) से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है, जिससे प्रदूषण के प्रभाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

2. मानसिक शांति और तनाव में कमी
बढ़ते पॉल्यूशन के कारण मानसिक तनाव और घबराहट भी बढ़ जाती है। हवा में प्रदूषक तत्वों के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जिससे शरीर थका हुआ महसूस करता है। योग मानसिक शांति और सुकून प्रदान करने का एक अच्छा तरीका है।

ध्यान (Meditation) और योग आसन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, या भुजंगासन मन को शांत रखते हैं और मानसिक तनाव को कम करते हैं।
नियमित ध्यान अभ्यास से मानसिक संतुलन बना रहता है, जिससे प्रदूषण के कारण होने वाले मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है।

3. शारीरिक स्थिति में सुधार
प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली शारीरिक समस्याएँ जैसे सांस फूलना, अस्थमा, एलर्जी, और शरीर में दर्द बढ़ना आम हैं। योग आसन शरीर की लचीलापन और ताकत को बढ़ाते हैं, जिससे शारीरिक स्थिति बेहतर होती है।

वीरभद्रासन, उत्तानासन और सेतु बंधासन जैसी आसन शारीरिक ताकत बढ़ाने में मदद करती हैं और शरीर को अधिक लचीला बनाती हैं।
पद्मासन जैसे आसन से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे श्वसन प्रणाली में सुधार आता है और प्रदूषण से बचाव होता है।

4. फेफड़ों की क्षमता में सुधार
योग शरीर के अंदर ऑक्सीजन के प्रवाह को सुधारता है, जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं। जब हम प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, तो यह हमारे फेफड़ों को कमजोर कर सकता है। योग अभ्यास फेफड़ों को साफ करता है और उन्हें बाहरी प्रदूषकों के प्रभाव से बचाता है।

भस्त्रिका प्राणायाम और उज्जायी प्राणायाम जैसे योग अभ्यास फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और प्रदूषण के प्रभाव से बचाव करते हैं।

5. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
प्रदूषण से शरीर में सूजन और विषाक्त पदार्थों का स्तर बढ़ता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। योग, शरीर में रक्त संचार और इम्यून सिस्टम को सुधारने में मदद करता है, जिससे प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

सूर्य नमस्कार और कपालभाति जैसे योग आसन शरीर के आंतरिक अंगों को मजबूत करते हैं और इम्यून सिस्टम को सुदृढ़ करते हैं।
नियमित योगाभ्यास से शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया बेहतर होती है, जिससे शरीर प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटता है।

6. प्रदूषण से जुड़े बीमारियों का इलाज
कई शोधों में यह साबित हुआ है कि योग अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करता है, जो प्रदूषण के कारण बढ़ सकती हैं। योग शरीर को आंतरिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, जिससे प्रदूषण से संबंधित बीमारियों का खतरा कम होता है।

प्राणायाम श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखता है और अस्थमा जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करता है।
हलासन और सर्वांगासन जैसे योग आसन शरीर को आंतरिक रूप से मजबूत करते हैं और प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं।

हालांकि योग पूरी तरह से प्रदूषण के प्रभाव से बचाव नहीं कर सकता, लेकिन यह एक प्रभावी उपाय है जो शारीरिक, मानसिक, और श्वसन तंत्र को मजबूत करता है। योग के नियमित अभ्यास से आप अपने शरीर को प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों से बचा सकते हैं और बेहतर सेहत की ओर अग्रसर हो सकते हैं। इसलिये, अगर आप प्रदूषण से राहत पाना चाहते हैं तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।