Breaking News

मनी लॉन्ड्रिंग: ED ने पैनकार्ड क्लब्स और अन्य की ₹646.58 करोड़ की संपत्ति जब्त की     |   गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आग लगने की घटना का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया     |   UP: मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की     |   बीजेपी ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान किया     |   PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना     |  

रंगहीन है पानी फिर समुद्र का रंग नीला क्यों? जानें इसके पीछे की वजह

पानी हमारे धरती पर सबसे जरूरी संसाधनों में से एक है। अक्सर हमारा यहीं सवाल होता है कि जब पानी बेरंग है तो समुद्र नीला क्यों दिखाई देता है? जब भी ऊंचाई से गहरे पानी को देखे तो उसका रंग नीला ही क्यों दिखाई देता है, जबकि इसमें हरे रंग की काई भी होती है। आखिर में मन को ये सवाल परेशान करता है कि जब पानी बेरंग है तो ये नीला क्यों हैं। आइए जानते हैं इसका जवाब।

आखिर क्यों है समुद्र का पानी नीला
अगर साफ पानी बिना किसी दूरबीन के देखा जाए तो उसका कोई रंग नहीं होता। इसका मतलब यह है कि यह है पारदर्शी, जिससे रोशनी को पानी में गुजरने की अनुमति मिलती है। यह तब क्लियर होगा जब हम थोड़ा पानी देखते हैं, जैसे कि एक गिलास में, जहां ये पूरी तरह से बेरंग दिखाई देता है। पानी में कुछ ऐसे पौधे होते हैं जो पानी के रंग पर प्रभाव डालते हैं जिससे बेरंग पानी नीला दिखाई देने लगता है।

सूर्य की रोशनी
पानी के बेरंग होने का कारण सूर्य की रोशनी भी है। सूरज से निकलने वाली सफेद रोशनी अलग-अलग रंगों से बनी होती है, जिनमें से हर एक रंग की अलग भूमिका होती है। जब ये रोशनी पानी से गुजरती है तो सभी रंगों का व्यवहार एक जैसा नहीं होता। पानी पर केवल नीला रंग ही हावी होता है जिसकी वजह से समुद्र का पानी हमें नीला दिखने लगता है।