हमारी संवेदनाओं में से एक, जो हमारे जीवन को खुशबू, स्वाद, और वातावरण के बारे में जानकारी देती है, वह है सूंघने की क्षमता। अगर आप महसूस करते हैं कि पहले जैसी तीव्रता से आप सुगंध नहीं पहचान पा रहे हैं या आपकी सूंघने की क्षमता में कमी आ गई है, तो इसे हल्के में न लें। यह समस्या स्वास्थ्य संबंधी गंभीर कारणों का संकेत हो सकती है, जिन्हें नजरअंदाज करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि सूंघने की क्षमता में कमी आने के कारण और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं क्या हो सकती हैं।
सूंघने की क्षमता में कमी के कारण
सर्दी और जुकाम: सबसे सामान्य कारण जो सूंघने की क्षमता में कमी लाता है, वह है सर्दी या जुकाम। इन बिमारियों में नाक बंद हो जाती है, जिससे हवा के रास्ते में रुकावट आती है और सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है। हालांकि, यह अस्थायी समस्या होती है, और जैसे ही जुकाम ठीक होता है, सूंघने की क्षमता सामान्य हो जाती है।
एलर्जी (Allergies): एलर्जी भी सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। जब शरीर किसी पदार्थ (जैसे धूल, पराग, या अन्य पर्यावरणीय तत्व) से प्रतिक्रिया करता है, तो नाक में सूजन और जलन होती है, जिससे सूंघने की क्षमता में कमी आती है। यदि आप बार-बार एलर्जी का शिकार होते हैं, तो यह समस्या लंबी हो सकती है।
साइनस इंफेक्शन (Sinusitis): साइनस के संक्रमण के दौरान नाक के मार्ग में सूजन और दर्द होता है, जो सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। साइनस इंफेक्शन के कारण नाक में पस जम जाता है, जिससे सूंघने की समस्या उत्पन्न होती है।
नसों या तंत्रिका संबंधित समस्याएं: सूंघने की क्षमता सीधे तौर पर ओल्फैक्टरी नर्व (olfactory nerve) से जुड़ी होती है, जो मस्तिष्क को सूंघने की जानकारी भेजती है। अगर इस नर्व में किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो सूंघने की क्षमता में कमी आ सकती है। यह समस्या कभी-कभी हादसों (accidents), दिमागी संक्रमण या स्नायु रोगों के कारण हो सकती है।
गंध से जुड़े रोग (Smell Disorders): कुछ विशेष प्रकार के गंध से जुड़ी बीमारियां भी सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इन बीमारियों को हाइपोस्मिया (Hyposmia) और अनोस्मिया (Anosmia) कहा जाता है। हाइपोस्मिया में व्यक्ति को गंध की तीव्रता में कमी होती है, जबकि अनोस्मिया में सूंघने की क्षमता पूरी तरह से समाप्त हो जाती है।
स्मृतिलोप (Dementia) और अल्जाइमर: अगर किसी व्यक्ति को अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी बीमारियां हैं, तो सूंघने की क्षमता में कमी आ सकती है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने के कारण होता है, जिससे तंत्रिका तंत्र सही तरीके से काम नहीं कर पाता और सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है।
धूम्रपान और शराब का सेवन: लंबे समय तक धूम्रपान या अधिक शराब का सेवन करने से भी सूंघने की क्षमता में कमी हो सकती है। इन आदतों से नाक के मार्ग में सूजन आती है और ओल्फैक्टरी नर्व को नुकसान पहुँचता है।
हॉर्मोनल बदलाव: खासकर महिलाओं में, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज़ और थायरॉयड समस्याओं के दौरान सूंघने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हॉर्मोनल असंतुलन से सूंघने की क्षमता में अस्थायी कमी हो सकती है।
सूंघने की क्षमता में कमी के खतरनाक संकेत
COVID-19 संक्रमण: सूंघने की क्षमता में अचानक कमी आना कोरोना वायरस संक्रमण का एक सामान्य लक्षण हो सकता है। हालांकि यह लक्षण अन्य बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन अगर सूंघने की क्षमता में अचानक बदलाव हो, तो आपको COVID-19 का टेस्ट करवाना चाहिए।
मस्तिष्क संबंधित समस्याएं: यदि सूंघने की क्षमता में लगातार कमी हो, तो यह मस्तिष्क के किसी संक्रमण या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे कि मस्तिष्क में ट्यूमर, ब्रेन स्ट्रोक, या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर।
हृदय और रक्तवाहिनियों से जुड़ी समस्याएं: यदि सूंघने की क्षमता में कमी के साथ-साथ थकान, कमजोरी, या सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो यह हृदय या रक्त वाहिनियों से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
क्या करें अगर सूंघने की क्षमता कम हो?
डॉक्टर से संपर्क करें: यदि सूंघने की क्षमता में कमी लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण (जैसे बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में कठिनाई आदि) जुड़ते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य जांच: डॉक्टर की सलाह से आपको साइनस इंफेक्शन, एलर्जी या अन्य चिकित्सा समस्याओं के लिए जांच करानी चाहिए।
स्वच्छता बनाए रखें: नाक की स्वच्छता के लिए नियमित रूप से नम नाक धोने का प्रयोग करें, खासकर सर्दी या एलर्जी के मौसम में।
धूम्रपान और शराब से बचें: इन आदतों को छोड़ना सूंघने की क्षमता को बेहतर बना सकता है।
हाइजीन और पर्यावरण में बदलाव: घर के वातावरण को स्वच्छ रखें और एलर्जी उत्पन्न करने वाले तत्वों से बचें।
सूंघने की क्षमता में कमी को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी या संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि सूंघने में समस्या महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और विशेषज्ञ की सलाह लेकर इलाज करवाएं। सूंघने की क्षमता का नुकसान केवल गंध न पहचान पाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के अन्य कार्यों को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए जल्दी से जल्दी इसका समाधान ढूंढना जरूरी है।