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सोने से पहले स्क्रीन पर वक्त बिताने से आपको अच्छी नींद क्यों नहीं आती? जानें एक्सपर्ट्स की राय

स्मार्टफोन की लत खतरनाक हो सकती है, ये तो आप जानते ही होंगे! आप सड़क पर जा रहे हैं, कार में सफर कर रहे हैं या हेक्टिक दिन के बाद आराम का मन बना रहे हैं, पता ही नहीं चलता कैसे हाथ में फोन आ जाता है और समय यूं ही निकल जाता है। 

लेकिन क्या कभी सोचा है कि ये आदत आपकी नींद और हेल्थ के लिए नुकसानदेह हो सकती है? हाल में नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि स्क्रीन टाइम आपकी नींद की जगह ले रहा है और अनिद्रा के जोखिम को बढ़ा रहा है।

स्टडी में सामने आया है कि सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन के इस्तेमाल से आपको औसतन 24 मिनट कम नींद आती है। लैपटॉप या फोन के लंबे समय तक संपर्क में रहने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।

इस स्टडी से ये भी पता चलता है कि नींद में खलल का सीधा संबंध छात्रों की मानसिक सेहत और पढाई लिखाई पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग नींद की परेशानी से जूझ रहे हैं उन्हें स्क्रीन पर समय कम बिताना चाहिए। उन्हें सोने से करीब आधे से एक घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप या ऐसी दूसरी चीजों से दूरी बनानी चाहिए।

इसमें कहा गया है कि स्क्रीन टाइम आपके लिए हानिकारक है, चाहे आप इसका इस्तेमाल किसी भी तरह से करें। चाहे वो सोशल मीडिया हो, आपका पसंदीदा टीवी शो हो या आपके लैपटॉप पर कोई ऑफिस प्रेजेंटेशन हो। हालांकि इस स्टडी में ये भी चेतावनी दी गई है कि "ये कहना नामुमकिन है कि स्क्रीन का इस्तेमाल सीधे नींद ना आने की वजह बनता है या अनिद्रा से पीड़ित छात्र स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।"