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वजन घटाने के लिए बेस्ट है इंटरमिटेंट फास्टिंग, जानें इसके फायदे और तरीका

आजकल वजन घटाने के कई तरीके चर्चा में हैं, लेकिन इनमें से एक तरीका जो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, वह है इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting)। यह एक ऐसा तरीका है जिसमें आपको खाना खाने और उपवासी रहने के बीच समय सीमा निर्धारित करनी होती है। इस विधि से न सिर्फ वजन घटाने में मदद मिलती है, बल्कि यह शरीर के लिए भी बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। आइए जानते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे और इसे करने का सही तरीका।

इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है?
इंटरमिटेंट फास्टिंग एक खाने का तरीका है जिसमें खाने और उपवास के समय को नियंत्रित किया जाता है। इसमें आमतौर पर 16 घंटे का उपवास और 8 घंटे का खाने का समय निर्धारित किया जाता है। यानी, आप दिन में 8 घंटे के भीतर खाना खाते हैं और बाकी 16 घंटे उपवासी रहते हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे:
1. वजन घटाने में मदद

इंटरमिटेंट फास्टिंग सबसे प्रभावी वजन घटाने के तरीकों में से एक है। जब आप उपवासी रहते हैं, तो शरीर स्टोर की हुई चर्बी का उपयोग ऊर्जा के रूप में करता है, जिससे वजन घटता है। इसके अलावा, यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे फैट बर्न होने की प्रक्रिया तेज होती है।

2. मेटाबोलिज़्म को बढ़ाता है
इंटरमिटेंट फास्टिंग मेटाबोलिज़्म को गति प्रदान करता है। जब शरीर उपवासी होता है, तो यह अधिक कैलोरी जलाने के लिए अपनी ऊर्जा का स्रोत बदलता है, जिससे मेटाबोलिज़्म बढ़ता है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

3. पाचन तंत्र में सुधार
इंटरमिटेंट फास्टिंग पाचन तंत्र को आराम देने का काम करता है। जब आप लंबे समय तक उपवासी रहते हैं, तो पेट को ठीक से काम करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का समय मिलता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

4. हार्मोनल स्वास्थ्य में सुधार
यह शरीर के हार्मोनल संतुलन को भी सुधारता है। खासकर, यह इंसुलिन, ग्लूकोज और ग्रोथ हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करता है, जो वजन घटाने और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

5. दिमागी सेहत और मानसिक स्पष्टता
इंटरमिटेंट फास्टिंग से दिमागी सेहत में भी सुधार देखा गया है। यह मानसिक स्पष्टता को बढ़ाता है और मस्तिष्क के लिए नए कोशिकाओं का निर्माण करता है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और मानसिक रूप से ताजगी प्रदान करता है।

6. दिल की सेहत में सुधार
कुछ शोधों के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे दिल की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह हार्ट डिजीज के जोखिम को भी कम कर सकता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग करने का सही तरीका:
1. 16/8 विधि (सबसे लोकप्रिय तरीका)

इसमें आप 16 घंटे उपवासी रहते हैं और 8 घंटे खाने का समय होता है। उदाहरण के तौर पर, आप सुबह 8 बजे से रात 4 बजे तक खाना खा सकते हैं और बाकी समय उपवासी रह सकते हैं।

2. 5:2 विधि
इसमें आप सप्ताह में 2 दिन 500-600 कैलोरी का सेवन करते हैं और बाकी 5 दिन सामान्य रूप से खाते हैं। इस विधि से भी वजन घटाने में मदद मिलती है।

3. एक दिन उपवासी, एक दिन सामान्य
इसमें आप एक दिन पूरी तरह से उपवासी रहते हैं और दूसरे दिन सामान्य भोजन करते हैं। यह तरीका उन लोगों के लिए अच्छा हो सकता है जो थोड़े चुनौतीपूर्ण तरीके से वजन घटाना चाहते हैं।

4. विकल्प: 24 घंटे का उपवास
कुछ लोग 24 घंटे के उपवास को भी आजमाते हैं, जहां वे सप्ताह में एक या दो बार 24 घंटे बिना कुछ खाए रहते हैं। इस विधि को करने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय ध्यान रखें:
पानी पीते रहें: उपवासी के दौरान हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है। पानी, हर्बल टी या ब्लैक कॉफी का सेवन कर सकते हैं।
संतुलित आहार लें: जब भी आप खाना खाएं, तो उसे पोषण से भरपूर बनाएं। फल, सब्ज़ियाँ, प्रोटीन, और अच्छे फैट का सेवन करें।
धीरे-धीरे शुरुआत करें: अगर आप नए हैं, तो धीरे-धीरे इंटरमिटेंट फास्टिंग को शुरू करें और अपने शरीर को इसके अनुसार ढालने का समय दें।
व्यायाम जारी रखें: वर्कआउट भी इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान जारी रखें, ताकि वजन घटाने की प्रक्रिया तेज हो।

इंटरमिटेंट फास्टिंग एक प्रभावी और सरल तरीका है, जो वजन घटाने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे सही तरीके से अपनाकर आप न केवल वजन घटा सकते हैं, बल्कि इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए आहार या वर्कआउट प्लान को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है, खासकर यदि आपकी कोई चिकित्सा समस्या है।