Breaking News

CBI ने 'अभय' हेल्पबॉट लॉन्च किया, लोगों को साइबर क्राइम-डिजिटल अरेस्ट से बचाएगा     |   प्रतीक यादव की अस्थियां कल हरिद्वार में प्रवाहित होंगी, अखिलेश-अमन बिष्ट रहेंगे मौजूद     |   'सरकार ₹12.35/Kg की दर से प्याज खरीदेगी', पुणे में बोले कृषि मंत्री शिवराज सिंह     |   जापान में आया जोरदार भूकंप, रिक्टर स्केल 6.6 तीव्रता रही, सुनामी का अलर्ट नहीं     |   MP की धार भोजशाला मामले में हिंदू पक्षकार ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की     |  

क्या है चीन का K- वीजा? जिसे अमेरिका के H-1B वीजा में बदलाव के जवाब में बनाया गया

China: जहां एक तरफ अमेरिका ने नए H-1B वीजा पर एक लाख डॉलर की फीस लगा दी है, तो वहीं चीन चुपचाप एक नया रास्ता खोल रहा है। चीन का नया K-वीजा एक अक्टूबर से लागू होने जा रहा है। ये दुनिया भर से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में युवा STEM पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए बनाया गया है।

इसकी खास बात ये है कि ज्यादातर वीजा के उलट इसमें आपको चीन के नियोक्ता से प्रायोजन की जरुरत नहीं है। K-वीजा के लागू होने का वक्त रणनीतिक लिहाज से अहम है। अमेरिका द्वारा H-1B वीजा पर पाबंदियां कड़ी किए जाने के बाद, चीन संकेत दे रहा है कि दुनिया भर के प्रतिभाशाली लोग उसके यहां आकर काम कर सकते हैं।

और यह सिर्फ कोडर के लिए नहीं है बल्कि उन सभी के लिए है जो ग्लोबल नॉलेज इकॉनमी में शामिल हैं। इसका मकसद नवाचार को बढ़ावा देना है। चीन सिर्फ बाजार के लिए होड़ नहीं लगा रहा है, बल्कि वो प्रतिभा के लिए भी मुकाबला कर रहा है।