Breaking News

राम मंदिर का पूरा धार्मिक कार्यभार अयोध्या के पांच संतों को सौंपा जाएगा     |   पटना, जयपुर और भोपाल समेत अलग-अलग शहरों में कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन     |   सरकार आश्वस्त करे तो मैं अनशन खत्म करूंगा: सोनम वांगचुक     |   NEET प्रोटेस्ट के बीच विजयवाड़ा में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प     |   काले कपड़ों में संसद पहुंच रहे कांग्रेस सांसद, पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी     |  

टैरिफ पर रोक के बाद भी अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट

अमेरिकी शेयर बाजार में एक दिन पहले आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। गुरुवार को दिनभर काफी उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी इसका असर दिखा। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन और अन्य देशों के लिए टैरिफ में 90 दिनों की राहत की घोषणा के बाद अमेरिकी बाजारों में जबरदस्त उछाल देखा गया था। लेकिन यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। गुरुवार को बाजार ने भारी उतार-चढ़ाव के बाद कमजोरी के साथ सत्र समाप्त किया। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर बनी रही कि टैरिफ का मुद्दा पूरी तरह सुलझा नहीं है। गुरुवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,014 अंक या 2.5% गिरकर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 3.46% और नैस्डैक कंपोजिट में 4.31% की गिरावट आई। सत्र के दौरान डॉव जोन्स 2,100 अंकों से ज्यादा टूटा था, लेकिन अंत में कुछ रिकवरी देखने को मिली।

टेक्नोलॉजी सेक्टर इस गिरावट में सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। एप्पल के शेयर में 2%, टेस्ला में 5% से अधिक, एनवीडिया में 3.6%, मेटा प्लेटफॉर्म्स में 3.8% की गिरावट आई। इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में कमजोरी से नैस्डैक पर भारी दबाव पड़ा। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट के असर से शुक्रवार को एशियाई बाजार भी कमजोर खुले। जापान के निक्केई 225 में 5.46% की गिरावट आई, जबकि टॉपिक्स में 5.05% की गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कई देशों के लिए तत्काल 90-दिवसीय टैरिफ विराम की घोषणा के बाद गुरुवार को निक्केई में 9% की उछाल आई थी। शेयरों में, फास्ट रिटेलिंग के शेयरों में 3.87% की गिरावट आई, टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयर की कीमत में 5% की गिरावट आई और एडवांटेस्ट के शेयर की कीमत में 7.5% की गिरावट आई।

टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज के सभी 33 इंडस्ट्री उप-सूचकांक गिर गए, जिसमें रिफाइनर 6.6% गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बन गए। कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बाजारों में भी गिरावट देखी गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों की आशंका बनी हुई है कि अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ तनाव जल्द खत्म नहीं होगा। हालांकि ट्रंप की टैरिफ राहत ने बाजार को एक दिन के लिए सहारा दिया, लेकिन निवेशकों को दीर्घकालिक समाधान की तलाश है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।