Breaking News

एयर इंडिया की AI 2379/फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलटों का डोप टेस्ट किया गया     |   मलप्पुरम विस्फोटक केस में NIA ने मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया     |   भारत-पाक सीमा पर BSF की कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश कर रहे संदिग्ध को मार गिराया     |   महाराष्ट्र में दूध 2 रुपये महंगा, नई दरें 11 अगस्त से लागू     |   गाज़ियाबाद में मुठभेड़ के बाद 3 ड्रग तस्कर गिरफ्तार, 21 किलो गांजा बरामद     |  

रूस में लगे भूकंप के जबरदस्त झटके, रिक्टर स्केल पर 8 रही तीव्रता... सुनामी का अलर्ट जारी

रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कैमचटका में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया है. USGS के अनुसार, यह भूकंप समुद्र के नीचे कम गहराई पर आया, जिससे सुनामी की आशंका बढ़ गई है. रूस में आए खतरनाक भूकंप के झटके ने सुनामी का खतरा बढ़ा दिया है. इसको ध्यान में रखते हुए जापान में सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं. रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कैमचटका में सुबह-सुबह एक जबरदस्त भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.7 मापी गई है. 

सेवेरो-कुरीलस्क के गवर्नर वालेरी लिमारेंको के अनुसार सुनामी की लहर सेवेरो-कुरीलस्क से टकराई है. ये रूस के कुरील द्वीप समूह का मुख्य क्षेत्र है. कैमचटका में भूकंप समुद्र के नीचे आया जिससे तटीय इलाकों में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप लगभग 19.3 किलोमीटर की कम गहराई पर आया था, जिससे सतह पर तेज झटके महसूस किए गए.

कम गहराई वाले भूकंप जमीन की सतह पर अधिक प्रभाव डालते हैं और अक्सर सुनामी का कारण बनते हैं. यह क्षेत्र पहले से ही टेकटोनिक प्लेट्स के टकराव का संवेदनशील इलाका माना जाता है. भूकंप की खबर सामने आने का बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तुरंत एक चेतावनी जारी की कि 1 मीटर (लगभग 3.28 फीट) ऊंची लहरें जापान के तटीय इलाकों में पहुंच सकती हैं. यूएस सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी कहा था कि अगले तीन घंटों में रूस और जापान के कुछ हिस्सों में खतरनाक लहरें पहुंच सकती हैं. इस बीच सुनाम की लहर रूस से टकरा भी गई है. इसके अलावा फिलीपींस, मार्शल आइलैंड्स, पलाऊ जैसे अन्य प्रशांत द्वीप समूहों में भी हल्की लहरों की संभावना जताई गई है.

जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा को तुरंत स्थिति की जानकारी दी गई और उन्होंने एक आपातकालीन बैठक बुलाई. सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है. इस बीच जापान में स्थित फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट खाली कराया गया है. इससे पहले जुलाई में भी कैमचटका के पास समुद्र में भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 7.4 थी. रूस के सखालिन क्षेत्र में स्थित सेवेरो-कुरील्स्क जैसे छोटे शहरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर निकाला जा रहा है. स्थानीय प्रशासन और सेना मिलकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं.

अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एक किंडरगार्टन स्कूल को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की गई है. क्षेत्रीय गवर्नर ने इसे दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. क्षेत्र में लगातार हो रहे आफ्टरशॉक्स ने स्थिति को और भयावह बना दिया है. नागरिकों से कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक निर्देशों का पालन करें.