China: दो दिवसीय 25वां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन सोमवार को चीन के तियानजिन में पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की घोषणा के साथ खत्म हुआ। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेताओं ने हिस्सा लिया। इस साल का शिखर सम्मेलन अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन था, जिसमें दुनिया के 20 देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हुए।
रविवार को शिखर सम्मेलन के दौरान अपने उद्घाटन भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की रक्षा में एससीओ की ज्यादा जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने अनिश्चितताओं और बदलावों से भरी दुनिया में कई देशों के विकास को बढ़ावा देने में संगठन की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने संबोधन में आतंकवाद से निपटने में "दोहरे मापदंड" न अपनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए कनेक्टिविटी के महत्व पर जोर दिया। साथ ही ग्लोबल साउथ के विकास की जरूरत को भी दोहराया। चीन में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की।