पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष हर दिन और भी भयानक रूप ले रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों से क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, वहीं ईरान भी खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की गड़गड़ाहट के बीच यह संघर्ष अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया कि अमेरिका एक विशाल बिजली उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाने वाला था, लेकिन बातचीत को ध्यान में रखते हुए यह हमला टाल दिया गया।
इजरायल पर ईरान के हमले के चलते कई जगहों पर सायरन बजने की आवाज सुनी गई है। कुछ जगह मकान भी इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए हैं। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बेरूत में ईरान के राजदूत को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया। उन्हें सप्ताह के अंत तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। यह दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों का स्पष्ट संकेत है। इससे लेबनान में तेहरान और हिजबुल्लाह की भूमिका पर तनाव बढ़ गया है। यह फैसला 2 मार्च को इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध शुरू होने के बाद आया है। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा, ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड लेबनान में हिजबुल्लाह के अभियान चला रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लेबनानी सरकार इस टकराव में शामिल नहीं होना चाहती थी। सलाम ने कहा कि खामेनेई की हत्या का बदला लेना लेबनानियों का कर्तव्य नहीं है।
इजरायल सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बमबारी की है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीती 2 मार्च से इस्राइली हमलों में लेबनान में 1072 लोग मारे गए हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद फ्यूल टैंक में आग लग गई। कुवैत सिविल एविएशन प्राधिकरण ने इसकी पुष्टि की है। प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और नुकसान संपत्ति तक ही सीमित रहा। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। फायर ब्रिगेड और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं।