Breaking News

BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |   मुंबई में महंगाई का डबल अटैक... महंगी हुई CNG-PNG, ऑटो और काली-पीली टैक्सी का किराया भी बढ़ा     |   हिमाचल: नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट केस में 3 और गिरफ्तार, NIA के शिकंजे में अब 6 आरोपी     |   यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी एयर स्ट्राइक, 3 की मौत; 5 घायल     |   होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमला, 3 अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर     |  

FB-Instagram से बच्चों को खतरा? US कोर्ट ने मेटा पर लगाया 3100 करोड़ का जुर्माना

अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने टेक दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक मेटा को मुश्किल में डाल दिया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म चलाने वाली इस कंपनी पर अब भारी जुर्माना लगाया गया है और वजह है बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला। न्यू मेक्सिको की एक जूरी ने मेटा पर करीब 375 मिलियन डॉलर (लगभग 3100 करोड़ रुपये) का जुर्माना ठोका है। यह फैसला कोई छोटा-मोटा मामला नहीं था, बल्कि करीब सात हफ्तों तक चली लंबी सुनवाई के बाद आया।

सरकारी वकीलों ने अदालत में कहा कि मेटा को पहले से पता था कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने इन खतरों को खुलकर सामने नहीं आने दिया। आरोप यह भी था कि मुनाफे की दौड़ में बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया। जूरी ने इन दलीलों को गंभीरता से लिया और माना कि मेटा ने कई अहम जानकारियां छिपाईं। खास तौर पर यह कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों को यौन शोषण जैसे खतरों का सामना करना पड़ सकता है और इसका असर उनकी मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। 

फैसले में यह भी सामने आया कि कंपनी ने कई बार ऐसी जानकारी दी जो पूरी तरह सही नहीं थी। यानी यूजर्स खासकर बच्चे और उनके परिवार को पूरी सच्चाई नहीं बताई गई। इतना ही नहीं, जूरी ने यह भी कहा कि मेटा ने ऐसे व्यापारिक तरीके अपनाए जिनसे बच्चों की कम उम्र और अनुभवहीनता का फायदा उठाया गया। सरल शब्दों में कहें तो, कंपनी ने बच्चों की कमजोरियों को समझकर उसी हिसाब से अपने प्लेटफॉर्म डिजाइन किए। अदालत ने साफ कहा कि यह एक बार की चूक नहीं थी। मेटा ने उपभोक्ता संरक्षण कानून का हजारों बार उल्लंघन किया। हर उल्लंघन के लिए अलग-अलग जुर्माना तय किया गया, जो मिलाकर यह बड़ी रकम बन गई। यह फैसला टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा संकेत है। खासकर उन कंपनियों के लिए, जिनके प्लेटफॉर्म पर करोड़ों बच्चे रोजाना समय बिताते हैं। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में सोशल मीडिया कंपनियों पर और सख्त नियम लागू किए जाएंगे।