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ईरान ने EU देशों की नौसेना और वायु सेना को घोषित किया 'आतंकी संगठन'

ईरान ने यूरोपीय संघ (European Union) के सदस्य देशों की नौसेना और वायु सेना को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह साल 2019 में यूरोपीय संघ द्वारा इस्लामिक क्रांति गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता देने के जवाब में की गई कार्रवाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा, 'यूरोपीय संघ द्वारा आईआरजीसी के खिलाफ की गई कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों और नियमों के विपरीत बताया है।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ईरान ने 2019 में पारित अमेरिका द्वारा इस्लामिक क्रांति गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन घोषित करने के जवाब में पारस्परिक कार्रवाई संबंधी कानून के अनुच्छेद 7 का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है। इसमें कहा गया है कि वे सभी देश जो किसी भी तरह से आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने के अमेरिका के निर्णय का अनुसरण या समर्थन करते हैं, उनके खिलाफ पारस्परिक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना यूरोपीय संघ द्वारा ईरान के आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बाद घटित हुई है, जिससे इस शक्तिशाली सैन्य बल को इस्लामिक स्टेट और अल कायदा के समान श्रेणी में रखा गया है। ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया धार्मिक व्यवस्था की रक्षा के लिए गठित, आईआरजीसी ईरान की अर्थव्यवस्था और सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है। यह देश के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों की देखरेख भी करता है। 

इस बीच, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देश ईरान पर यूरेनियम संवर्धन अभियान बंद करने के लिए दबाव बनाना जारी रखे हुए हैं। ये सभी देश ईरान द्वारा कथित तौर पर परमाणु हथियार बनाने के प्रयास पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह 10 से 15 दिनों के भीतर परमाणु समझौते पर अमेरिका के साथ समझौता कर ले, अन्यथा परिणाम दुर्भाग्यपूर्ण होंगे।