मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-18 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है. हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है. इसी बीच ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गई हैं.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उन्होंने एक अमेरिकी F-18 फाइटर जेट को निशाना बना दिया है. ईरान के सरकारी चैनल Press TV ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी शेयर किया और दावा किया कि ये उसी हमले का सबूत है. ईरान के इस दावे को अमेरिका ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने X पर साफ कहा, “IRGC का ये दावा गलत है कि चाबहार के ऊपर नए एयर डिफेंस सिस्टम से अमेरिकी F-18 जेट को मारा गया. सच्चाई ये है कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया है.”
यह सब तब हुआ जब ईरान ने अमेरिका के युद्ध रोकने वाले प्रस्ताव को मानने से मना कर दिया. इसके बाद ईरान ने इज़रायल और खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे. इससे पहले इजरायल ने तेहरान पर हमला किया था. वहीं, अमेरिका ने भी इलाके में अपने सैनिक बढ़ा दिए हैं, जिनमें पैराट्रूपर्स और मरीन शामिल हैं.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मजाक नहीं करते हैं. अगर ईरान ने हार नहीं मानी, तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल नहीं हुई, तो ईरान को पहले से ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा. तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने और सैनिक भेजने का फैसला किया है. रिपोर्ट के अनुसार, जल्द ही करीब 1000 सैनिक 82nd Airborne Division से भेजे जाएंगे. इसके अलावा, 5000 मरीन सैनिक और हजारों नौसैनिक भी इलाके में भेजे जा रहे हैं.