जर्मनी की कैमिकल सेक्टर की बड़ी कंपनी 'बायर' के साउथ एशिया के अध्यक्ष ने कहा है कि भारत 'पिछड़ी कृषि' के साथ 2047 तक ‘विकसित राष्ट्र’ नहीं बन सकता। उन्होंने कृषि में सुधार के लिए सरकार की कोशशों की तारीफ की। बायर दक्षिण एशिया के अध्यक्ष साइमन विबुश ने कहा, “पिछड़ी कृषि से आप विकसित राष्ट्र नहीं बन सकते।”
उन्होंने कहा, “नई सरकार की ओर से हमें जिन पहलों के बारे में सुनने को मिला, वे साफतौर पर भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने पर फोकस करती हैं। भारत तेजी से विनियामक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर रहा है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि ये बदलाव रातों-रात नहीं होते। बायर दक्षिण एशिया के क्रॉप साइंस के ‘कंट्री डिवीजनल हेड’ विबुश ने कहा कि कंपनी भारत में खरपतवारनाशकों पर ध्यान दे रही है, जो कृषि में लेबर की कमी को पूरा करने के लिए है। ये कोविड-19 के बाद से और गंभीर हो गई है।
उन्होंने कहा कि भारत में खरपतवारनाशकों में निवेश इस समय कीटनाशकों से ज्यादा है। विबुश ने कहा, “हम भारत में कृषि में लेबर की कमी देख रहे हैं। इसका मतलब हमें उन खरपतवारों से निपटने के लिए ज्यादा खरपतवारनाशकों की जरूरत है, जैसे साइपरस रोटंडस, सिनोडोन डेक्टिलॉन और फालारिस माइनर।” उन्होंने कहा कि हालांकि भारत में कम इस्तेमाल की वजह से खरपतवारनाशक अभी भी प्रभावी हैं, लेकिन कंपनी आगे की चुनौतियों के लिए तैयारी कर रही है।