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पश्चिम एशिया संकट के बीच 1.30 लाख भारतीय लौटे देश, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब तक करीब 1 लाख 30 हजार भारतीय नागरिक भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्प) असीम महाजन ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक के दौरान महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 1,30,000 भारतीय भारत वापस आ चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र में उड़ानों और हवाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।

महाजन के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कई एयरपोर्ट से नियमित और अतिरिक्त कमर्शियल फ्लाइट्स चल रही हैं, जिससे लोगों के लिए यात्रा करना आसान हो गया है। वहीं कतर से पिछले कुछ दिनों में करीब 2,900 भारतीय कतर एयरवेज की उड़ानों से भारत लौटे हैं। कुछ लोग सऊदी अरब के रास्ते भी भारत पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में कतर एयरवेज की एक या दो उड़ानों की रोज भारत आने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र फिलहाल खुला है। रियाद से एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने उड़ानें शुरू कर दी हैं। इसके अलावा जेद्दा, मदीना और दम्माम से भी नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं। बहरीन में गल्फ एयर ने सऊदी अरब के दम्माम से उड़ानें शुरू की हैं, जो दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए चल रही हैं। अब तक 1,000 से ज्यादा भारतीय इन उड़ानों से भारत लौट चुके हैं।

कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां की जज़ीरा एयरवेज सऊदी अरब के AQI एयरपोर्ट से उड़ानें चला रही है और जल्द ही भारत के लिए भी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। महाजन ने बताया कि इराक का हवाई क्षेत्र बंद है, लेकिन भारत सरकार वहां फंसे भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते वापस लाने की व्यवस्था कर रही है।

बैठक के दौरान उन्होंने मस्कट में दो भारतीयों की मौत की जानकारी भी दी। इसके अलावा ‘सेफसी विष्णु’ जहाज से जुड़े मामले में 15 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने और एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की कोशिशें जारी हैं। दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री रास्तों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है।

युद्ध को अब 14 दिन हो चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं। इस बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी भी दी है, जिससे कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। गुटेरेस ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तनाव कम करना और संवाद ही इस संकट का एकमात्र रास्ता है।