मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विकास के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले से स्कूल में जरूरी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के निर्माण के लिए भी निशुल्क नजूल भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई।
सैनिक स्कूल में निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सैनिक स्कूल, मैनपुरी के परिसर से दो उच्चदाब बिजली लाइनें गुजर रही हैं। इनके कारण परिसर का एक हिस्सा निर्माण कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में स्कूल में जरूरी निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता थी।
कैबिनेट ने ग्राम सभा नौनेर, तहसील और जिला मैनपुरी की 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क पुनर्ग्रहित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह भूमि पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग के निवर्तन पर रखी जाएगी। इसके बाद विभाग इसे रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की सैनिक स्कूल सोसाइटी को निशुल्क हस्तांतरित करेगा।
कैडेटों और कर्मचारियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद सैनिक स्कूल में कैडेटों के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण किया जा सकेगा। इसके अलावा शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
प्रयागराज में ऑडिटोरियम और महिला छात्रावास बनेगा
कैबिनेट ने प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड संख्या यूईए-3 (किताब घर) की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस जमीन पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाया जाएगा।
यह भूमि नगर विकास विभाग के माध्यम से निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन नगर निगम को आवंटित की जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, यह हस्तांतरण विशेष परिस्थिति में किया जाएगा और इसे भविष्य में अन्य मामलों के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा। कैबिनेट के इन फैसलों से मैनपुरी में सैनिक स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के विकास और प्रयागराज में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा।